Date: 30/05/2024, Time:

कनोहर लाल पीजी कॉलेज में छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा दिलाने की व्यवस्था की जाए

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कनोहर लाल पीजी कॉलेज में प्रबंध कमेटी के कृपा पात्र बताए जाने वाले अस्थायी कर्मचारी मयंत वत्स द्वारा छात्रों से फीस लेकर जमा ना कराए जाने से कितनी ही छात्राएं आंदोलनरत हैं। भरी गर्मी में खुले में सड़क पर बैठकर उनके द्वारा अपनी पीड़ा व्यक्त की जा रही है लेकिन यहां प्रबंध कमेटी और प्राचार्या की आपसी खींचतान के चलते छात्राओं को परीक्षा दिलाने की व्यवस्था के लिए ऐप आदि खुलवाने के लिए विवि को पत्र लिखने की जो व्यवस्था की जानी चाहिए थी वो नहीं की गई। विवि के रजिस्टार धीरेंद्र वर्मा का कहना है कि अभी तक पोर्टल खोलने का आवेदन नहीं आया है। अगर आवेदन किया जाएगा तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। बताते चलें कि पोर्टल खोलने का आग्रह प्राचार्य के स्तर पर होना था। प्राचार्या अलका तोमर ने वह शायद नहीं किया। दूसरी तरफ छात्राओं ने 11 मई को मानव श्रृखला बनाकर भी समस्या के समाधान की गुहार लगाई। कहा जा रहा है कि पोर्टल खुलने पर दोबारा फीस भरनी पड़ेगी। बीए अंतिम वर्ष की छात्राओं का कहना है कि परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के चलते मुश्किल से फीस जमा कराई गई। दूसरी तरफ कालेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिनेश सिंघल का कहना है कि प्रबंध समिति छात्राओं के साथ है। जरूरत पड़ने पर फीस भी जमा कराई जाएगी।
दूसरी तरफ प्राचार्या मयंक को प्रबंध समिति का कृपा पात्र बता रही है।। फिल हाल तो छात्राओं के साथ यह अत्याचार ही कहा जा सकता है जिसे रोकना प्रबंध समिति और प्राचार्य का काम है। मेरा मानना है कि आपसी खींचतान छोड़कर प्राचार्या को इन बच्चियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा दिलाने की व्यवस्था करनाी चाहिए। मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। मेरा मानना है कि चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपित को ऐसी व्यवस्था करानी चाहिए जिससे कोई क्लर्क पैसे लेकर ना भाग सके और ऐसी स्थिति होती है तो प्राचार्य उस पर कार्रवाई कर ना कि आरोप प्रत्यारोप में समय बर्बाद किया जाए।
(प्रस्तुतिः संपादक रवि कुमार बिश्नोई दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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