Date: 30/05/2024, Time:

चुनौतियों के बावजूद डिजिटल तरक्की में भारत की ऊंची छलांगः विश्व बैंक

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नई दिल्ली 07 मार्च। तमाम चुनौतियों के बाद भी भारत के डिजिटल परिदृश्य में तेज प्रगति देखी गई है, जो देश को तकनीक प्रेमी भविष्य की ओर ले जा रही है। यह बात विश्व बैंक की ओर से मंगलवार को जारी डिजिटल प्रोग्रेस एंड ट्रेंड रिपोर्ट, 2023 में कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनौतियों के बावजूद लोगों के बीच डिजिटल असमानता को पाटने की दिशा में भारत की यात्रा इसके डिजिटल रूपांतरण में योगदान देने वाले कई सकारात्मक कारकों को दर्शाती है। खासतौर पर केंद्र सरकार की नीतियों और सस्ते डाटा की वजह से तीव्र डिजिटल तरक्की संभव हुई है।

इंटरनेट तक आसान पहुंच से बनी राह
2018 से 2020 तक दक्षिण एशिया में ऑनलाइन आबादी दोगुनी हो गई है। यह असल में भारतीय लोगों की इंटरनेट तक पहुंच के विस्तार की सबसे अहम उपलब्धि है। इस उछाल का श्रेय इंटरनेट साक्षरता को बढ़ावा देने वाली सरकार की नीतियां और किफायती डाटा योजनाओं को दिया जाना चाहिए। सरकारी की नीतियों और नीतियों के समर्थन में भारतीय उद्यमियों के प्रयासों की बदौलत 2018 के बाद से भारत की एक तिहाई आबादी को ऑनलाइन ला दिया, जो भारत की डिजिटल तरक्की में ऊंची छलांग है।

कोविड के दौरान ऐतिहासिक वृद्धि
कोविड महामारी के दौरान, भारत में व्यवसाय, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त और खरीदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों के एप डाउनलोड में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई। इसके अलावा डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म को अपनाने में उपभोक्ता व्यवहार में व्यापक बदलाव आया है, जिससे डिजिटल लेनदेन में भी भारी उछाल आया है।

व्यापार पर सकारात्मक असर
विश्व बैंक के मुताबिक, भारत की इस डिजिटल तरक्की का सकारात्मक असर व्यापार, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) पर भी देखने को मिल रहा है। अप्रैल 2020 से दिसंबर 2022 के दौरान एसएमई कंपनियों ने डिजिटल समाधानों में 300 फीसदी तक निवेश बढ़ाया है, जो उनके व्यवसाय वृद्धि व प्रौद्योगिकी के महत्व की बढ़ती मान्यता को दर्शाता है।

आईटी में भारत वैश्विक नेता
भारत के डिजिटलीकरण के लिए सरकार की नीतियों और पहलों की वजह से आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेता बन गया है। इनका दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा। खासतौर पर आने वाले दिनों में जब दुनिया के और देश इन उपायों को अपनाना शुरू करेंगे, तो इस क्षेत्र के अनुभव से जुटाई विशेषज्ञता का लाभ भारतीयों को रोजगार व व्यापार सृजन के लिहाज से मिलेगा, जिससे भारत सॉफ्टवेयर विकास, तकनीकी परामर्श और डिजिटल नवाचार का केंद्र बनेगा।

डिजिटल साक्षरता चुनौती
विश्व बैंक के मुताबिक, भारत के बुनियादी ढांचे की कमी, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय समावेशन जैसी चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए नीति निर्माताओं, व्यवसायों और नागरिक समाज के ठोस प्रयासों की जरूरत है।

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