Date: 17/07/2024, Time:

अगर हार के  डर से सोनिया गांधी राज्यसभा लड़ रही हैं तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा क्यों लड़ रहे हैं राज्यसभा चुनाव

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वर्तमान समय में लोकसभा के होने वाले चुनाव के साथ ही राज्यसभा के चुनाव और उनके प्रत्याशी बड़ी चर्चाओं में है। यह किसी से छिपा नहीं है कि राजनीति में विधानपरिषद और राज्यसभा में किसे भेजा जाना है किसे नहीं यह पार्टी का अपना फैसला होता है। जिन लोगों को चुनाव लड़ाया जाता है उसका मतलब यह नहीं है कि वो विधानसभा या लोकसभा का चुनाव नहीं जीत सकते। वर्तमान में सबसे ज्यादा चर्चा इस मामले में कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर हो रही है। आए दिन पढ़ने सुनने को मिल रहा है कि उन्हें हार जाने की उम्मीद थी इसलिए वो राज्यसभा का चुनाव लड़ रही है। जबकि यह विश्वास से कहा जा सकता है कि देश में ऐसे कई निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां से लोकसभा से नामांकन करने के बाद अगर सोनिया गांधी मौके पर भी चुनाव क्षेत्र में नहीं जाएंगी तो भी बड़े बहुमत से जीत सकती हैं चुनाव। लेकिन कोई किसी को कहते हुए नहीं रोक सकता। कहते भी हैं कि मारते का हाथ पकड़ा जा सकता है बोलते की जबान नहीं। लेकिन जो लोग ऐसी चर्चाएं कर रहें हैं मैं उनसे एक सवाल करना चाहता हूं कि कांग्रेस का राजनीतिक आधार फिलहाल घट रहा है और इसलिए कुछ नेताओं को यह बात बोलने का अवसर प्राप्त हो रहा है कि हार के डर से राज्यसभा लड़ रही है सोनिया गांधी। क्या वो बता सकते हैं कि केंद्र और कई प्रदेशों में पूर्ण पूर्ण बहुमत की सरकार चला रही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य बड़े नेता राज्यसभा का चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। क्या उन्हें भी लोकसभा लड़ने पर हारने की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा के यह चुनाव लड़ने की चर्चा है तो क्या उनके भी हार जाने की बात सोनिया गांधी के बारे में चर्चा करने वाले कह सकते हैं। अगर नहीं तो वो आराम से समझ लें कि यह चुनाव हार जीत को दृष्टिगत कर नहीं लड़ा जाता। यह पार्टी की अपनी नीति के ऊपर निर्धारित है। इसीलिए वर्तमान में जनाधार में सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरकर आए और तीसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही भाजपा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नडडा को राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ाती। क्योंकि अगर हारने की बात समझ में आए तो उनके लिए यह चुनाव बहुत ही राजनीतिक छवि कमजोर साबित करने वाला होता। कोई भी पार्टी यह नहीं चाहती कि उसका नेता को लोग कमजोर समझकर चर्चा करें। सोनिया गांधी बड़ी लीडर हैं। अपनी भूल सुधारों या राजनीतिक ज्ञान बढ़ाओ क्योंकि जो आप बोल रहे हैं वो किसी भी रूप में सही नहीं है।

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