लखनऊ 12 फरवरी। प्रदेश सरकार ने विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार की घोषणा की। प्रयागराज से मेरठ के लिए लगभग बनकर तैयार 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को अब सोनभद्र से हरिद्वार तक विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज से आगे मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र तक यानी शक्तिनगर तक इसका विस्तार होगा। आगरा-लखनऊ-हरदोई-फर्रुखाबाद की गंगा एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक ले जाने के लिए भी बजट में घोषणा हुई है। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे को गाजीपुर से चंदौली, सोनभद्र के शक्तिनगर तक ले जाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ही निवेश का आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो राज्य कभी ‘बीमारू’ की श्रेणी में गिना जाता था, आज वही देश की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभरा है। उन्होंने इसे “विकसित भारत-2047” की दिशा में निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि यह बजट जन आकांक्षाओं, निवेश विस्तार और रोजगार सृजन की नई पटकथा लिखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्षों में बिना नया टैक्स लगाए राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दी है। 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई योजनाएं और ढाई लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पूंजीगत व्यय प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को गति देगा।
बजट में स्टेट डाटा अथारिटी के गठन, डाटा सेंटर क्लस्टर, यूपी एआइ मिशन और साइबर सिक्योरिटी आपरेशन सेंटर की स्थापना की घोषणा को सरकार भविष्य की अर्थव्यवस्था की बुनियाद बता रही है। स्किल डेवलपमेंट हब, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप योजना व स्टार्टअप पर इस बजट में जोर दिया गया है। आइआइटी कानपुर और आइआइटी बीएचयू के साथ ‘डीप टेक’ सहयोग के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जाएंगे। डीप टेक उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान और इंजीनियरिंग नवाचार पर आधारित तकनीक होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “रूल आफ ला (कानून का राज) ही रियल ग्रोथ (वास्तविक विकास) की गारंटी है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि क्षेत्र में 23 लाख डीजल पंपों को चरणबद्ध तरीके से सोलर से जोड़ने की योजना घोषित की गई है। एससी-एसटी और महिला किसानों को 90 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रविधान किया गया है। किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के लिए रिवाल्विंग फंड, एग्री एक्सपोर्ट हब और दो लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार अन्नदाता को उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
महिला उद्यमी उत्पाद एवं विपणन केंद्र (सी-मार्ट माडल), महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड और ब्याज मुक्त ऋण सुविधा की घोषणा बजट में की गई है। श्रमजीवी महिला छात्रावास और महिला गाइड के लाइसेंस शुल्क में छूट जैसे कदमों से महिला श्रमबल भागीदारी को और बढ़ाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों विशेषकर मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने के लिए बजट में धनराशि 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मंडल मुख्यालय पर एक स्पोर्ट्स कालेज की स्थापना की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत तक आ गई है, जो 2017 से पहले 17-19 प्रतिशत के बीच थी। मुख्यमंत्री ने इस बजट को “नए उत्तर प्रदेश की निर्णायक छलांग” बताते हुए कहा कि वर्ष 2029-30 में प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीतिक पटकथा है।

