Date: 20/02/2024, Time:

मालदीव व भारत की मित्रता! पीएम पर टिप्पणी करने वाले मंत्री हैं निंदा के पात्र, पूरी दुनिया नरेंद्र मोदी के निर्णयों और कार्यों की कर रही है प्रशंसा

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वर्तमान समय में जब पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मान मिल रहा है और उनकी योजनाओं को सराहा जा रहा है ऐेसे में मित्रदेश मालदीव के तीन मंत्रियों का पीएम की आलोचना करना किसी भी रूप में सही नहीं कहा जा सकता। शायद इसीलिए वहां की सरकार द्वारा नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगलने वाले मंत्रियों के खिलाफ वहां के राष्ट्रपति ने एक्शन लिया और उनके पदों से हटा दिया गया तथा पूर्व राष्ट्रपति द्वारा भारत की सराहना और हटाए गए मंत्रियों के बयानों की निंदा की गई है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लक्षद्वीप की यात्रा किए जाने के बाद मालदीव के मंत्रियों ने कुछ टिप्पणियां की गई जिनका चारों तरफ खुला विरोध दोनों देशों के प्रमुख नागरिक कर रहे हैं। बताते चलें कि भारत एक ऐसा मालदीव का मित्र देश है जो वहां के पर्यटन को सबसे ज्यादा बढ़ाने में मदद करता है। मालदीव में काफी भारतीय भी रहते हैं और वहां के अन्य नागरिक भी भारत सरकार और यहां के नेताओं के खिलाफ टिप्पणी करने से हमेशा बचते रहे हैं। निलंबित मंत्री मरियम शिउना, महजूम माजिद और मालशा शरीफ का कहना है कि यह उनकी व्यक्तिगत राय थी सरकार का मत नहीं। पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद का कहना है कि मालदीव में सुरक्षा एवं समृद्धि लाने में मित्र देश के नेताओं का बड़ा योगदान है तथा इन बयानों से संबंध समस्त प्रमुख मंत्रालयों की वेबसाइटों को भी ब्लॉक कर दिया गया है। तीनो मंत्रियों ने क्या कहा क्या नहंी इस विवाद में ना पड़कर मैं मालदीव सरकार द्वारा मंत्रियो के खिलाफ कार्रवाई को इस दृष्टि से देखता हूं कि सरकार ने भारत के सहयोग और दृष्टिकोण को महत्व दिया है। बताते चलें कि मालदीव के कुल पर्यटन में 11.1 प्रतिशत भारतीय योगदान है तो वहां अनाज मसाले और अन्य खादय सामान भारत से ही जाता है और इस प्रकरण के बाद भारी तादात में भारतीयों ने वहां के होटलों में अपनी बुकिंग रद करा दी है। इस बात को विश्वास से कहा जा सकता है कि भारत के बिना सहयोग के जिस स्तर पर मालदीव की तरक्की हो रही है वो आसान नहीं है क्योंकि 17 लाख से ज्यादा भारतीय पर्यटक 2023 में मालदीव गए और तीन जनवरी को पीएम के लक्षदीप के दौरे के बाद जो विवादित टिप्पणी आई उसे देखकर कहा जा सकता है कि यह कम सोच वाले ही कर सकते हैं क्योकि किसी की नाराजगी को देखकर पीएम अपने देश के पर्यटन स्थलों का दौरा करना नहीं छोड़ सकते। मुझे लगता है कि पूरा देश मालदीव के मंत्रियों की निदंा कर रहा है और जहां तक पीएम की बात है तो वो राजनीतिक दृष्टिकोण से देशवासी भले ही अलग अलग हो लेकिन इस मामले में सभी एक सुर में उनके समर्थन में समाए हैं।

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