Date: 21/02/2024, Time:

बेटी की डोली सजने से पहले उठी पिता की अर्थी, घर में छाया मातम

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नई दिल्ली 09 फरवरी। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन की दीवार का एक हिस्सा ढह जाने से 53 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गयी और चार लोग घायल हो गये। पुलिस ने यह जानकारी दी। मृतक की पहचान करावल नगर में शहीद भगत सिंह कॉलोनी के निवासी विनोद कुमार पांडे के रूप में हुई, जो चावल आपूर्ति एजेंट थे। विनोद की बेटी की हादसे से दो दिन पहले ही सगाई हुई थी और परिवार में खुशियां ही खुशियां थीं, अब उस घर में सिर्फ मातम है। जिस घर से बेटी की डोली उठने से पहले ही पिता की अर्थी उठ गई।

पांडे अपने स्कूटर पर एक दुकानदार को चावल देने जा रहे थे, तभी दीवार के ढहे मलबे की चपेट में आ गए। पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुई इस घटना के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने सभी स्टेशन पर सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में बलराम नगर निवासी अजीत कुमार, गोकुलपुरी के मोनू, इंदिरापुरी के संदीप और लक्ष्मी नगर के मोहम्मद ताजिर घायल हुए हैं। घायल लोग खतरे से बाहर हैं। घायलों को गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दीवार ढहने से चार मोटरसाइकिलें और स्कूटर क्षतिग्रस्त हो गए।

डीएमआरसी ने एक बयान में कहा कि पिंक लाइन पर मौजपुर और शिव विहार के बीच अप और डाउन दोनों लाइन पर पूर्वाह्न 11:12 बजे से 11:23 बजे तक ट्रेन की आवाजाही रोक दी गई। एक यात्री द्वारा मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए और सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में दो घायल ढहे हुए हिस्से के मलबे में फंसे हुए दिखे। तीन क्षतिग्रस्त दोपहिया वाहन भी दिखे।

घटना में जान गंवाने वाले पांडे दो दिन पहले अपनी बेटी की सगाई के बाद उत्तर प्रदेश में अपने गृहनगर से दिल्ली लौटे थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे -दो बेटियां और एक बेटा- हैं। पांडे मूल रूप से सुल्तानपुर के रहने वाले थे। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजे हुई जब ऊंचे प्लेटफॉर्म के पूर्वी हिस्से की एक चारदीवारी और एक स्लैब का हिस्सा नीचे सड़क पर गिर गया। स्लैब का कुछ हिस्सा लटक गया था। डीएमआरसी की पिंक लाइन मजलिस पार्क और शिव विहार मेट्रो स्टेशन को जोड़ती है। एक प्रत्यक्षदर्शी आजाद अली ने बताया, ‘‘करीब 11 बजे थे जब हमने अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी। हम मौके पर पहुंचे…एक स्कूटर सवार मलबे के नीचे फंसा हुआ था।” स्थानीय दुकानदार शहजाद खान ने कहा कि उन्होंने बचाव अभियान में पुलिस की मदद की। खान ने कहा, दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्वी दिल्ली) जॉय टिर्की ने कहा कि गोकुलपुरी पुलिस थाने के मेट्रो स्टेशन के बगल में होने से थाना प्रभारी सहित अन्य कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकाला और जीटीबी अस्पताल पहुंचाया।”

डीएमआरसी ने अपने सिविल विभाग के एक प्रबंधक और एक कनिष्ठ अभियंता को जांच होने तक निलंबित कर दिया और घटना की जांच के आदेश दिए। मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को पांच लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए एक लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई।

पुलिस के एक बयान में कहा गया, ‘‘मेट्रो ठेकेदार या बिल्डर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 A (लापरवाही से मौत का कारण) और 337 (जल्दबाजी या लापरवाही भरे कृत्य से मानव जीवन या दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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