Date: 30/05/2024, Time:

सड़क यात्रियों के साल में 48 करोड़ घंटेे बचा रहा फास्टैग

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नई दिल्ली 06 मई। राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग सड़क यात्रियों के सालाना 48 करोड़ घंटे बचा रहा है। इसके अलावा, टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम शून्य स्तर पर पहुंचने से ईंधन की बड़ी बचत भी हो रही है। साथ ही, कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने से पर्यावरण प्रदूषण में कमी भी आ रही है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2021 से देशभर में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) की मदद से टोल टैक्स फास्टैग से अदा किया जा रहा है। अब तक आठ करोड़ से अधिक फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि फास्टैग तकनीक ने राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क यात्रियों के सफर अनुभव को पूरी तरह से बदल दिया है। इस एक तकनीक से अनेक फायदे हो रहे हैं। फास्टैग ने देशभर के टोल टैक्स प्लाजा पर जाम की समस्या को लगभग समाप्त किया है। प्लाजा पर 11 मिनट से अधिक समय लगता था, जोकि घटकर 47 सेकंड का रह गया है। इससे वाहनों की औसत रफ्तार 25-30 फीसदी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि फास्टैग से प्रति वर्ष 46.3 करोड़ घंटों की बचत हो रही है। औसत रफ्तार बढ़ने से वाहनों के फेरे बढ़ गए हैं। विशेषकर व्यावसायिक वाहनों का इसका अधिक लाभ मिल रहा है।

फास्टैग ने टोल कंपनियों द्वारा टोल टैक्स में चोरी पर अंकुश लगा दिया है। यही कारण है कि टोल टैक्स प्राप्ति में रिकॉर्ड 148 फीसदी की वृद्धि हुई है। इससे सरकार और आम सड़क यात्रियों, दोनों को फायदा हुआ है। वर्ष 2020-21 में प्रतिदिन टोल टैक्स से लगभग 57 करोड़ की वसूली होती थी, जोकि 2023-24 में बढ़कर 160 करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

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