नई दिल्ली 09 जनवरी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंबरनाथ और अकोला में कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के साथ गठबंधन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए इस गठबंधन को खारिज किया है।
पार्टी को आशंका है कि इन घटनाओं का असर आगामी बीएमसी व अन्य महानगर पालिकाओं के चुनाव पर पड़ सकता है। राज्य इकाई ने भी इस मामले में सख्ती दिखाई है। चूंकि इन चुनावों में दल-बदल कानून लागू नहीं होता, ऐसे में पार्टी अब अपनी साख बचाने के लिए इसका सहारा ले रही है। महाराष्ट्र में दो नगर परिषदों का मामला केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा और उस पर सख्त कार्रवाई भी की गई है। एक मामले में भाजपा ने एआईएमआईएम से और दूसरे में कांग्रेस को साथ लिया था। केंद्र की सख्ती के बाद अकोला की अकोट नगर परिषद में भाजपा-एआईएमआईएम का गठबंधन तोड़कर इसे अंजाम देने वाले विधायक को नोटिस भी जारी किया गया है।
सीएम फडणवीस ने स्थानीय भाजपा इकाई के इस कार्य को संगठन विरोधी बताया है। साथ ही कड़ी नाराजगी जताते हुए ऐसे गठबंधन को तुरंत खत्म करने के बाद पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गठबंधन को खारिज करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस तरह के किसी भी तरह के गठबंधनों को पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मंजूरी नहीं है। यह संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन है। अपने बयान में सीएम ने कहा कि भाजपा कभी भी कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन नहीं कर सकती। ऐसे गठबंधन अस्वीकार्य हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमत्री फडणवीस ने अपने बयान में कहा कि ऐसे गठबंधन को को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं और यह भी कहा कि इसमें शामिल नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, श्यदि भाजपा के किसी भी स्थानीय नेता ने बिना अनुमति के इन पार्टियों एआईएमआईएम, कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है, तो यह पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।श्
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया नोटिस
इधर, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने विधायक प्रकाश भरसखले को कारण बताओ नोटिस जारी कर अकोट में ।प्डप्ड के साथ पार्टी के गठबंधन पर जवाब मांगा है। अकोट विधायक प्रकाश भरसखले को जारी नोटिस में कहा गया है कि हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव 2025 में हमने अकोट में एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करके भारतीय जनता पार्टी के मिशन और नीति को कमजोर किया है। ऐसा करते समय, हमने किसी को भरोसे में न लेकर पार्टी की छवि खराब की है। हमें तुरंत यह साफ करना चाहिए कि हमारे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?
कांग्रेस ने 12 नए चुने गए पार्षदों को निलंबित किया
कांग्रेस ने अंबरनाथ में पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद भाजपा के साथ गठबंधन कर जीतने वाले 12 नए पार्षदों और अपने ब्लॉक अध्यक्ष को पार्टी से निलंबित कर दिया। प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर विवाद के बाद कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। कांग्रेस ने अपने अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को निलंबित कर दिया। पत्र में पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने उन्हें यह भी बताया कि उसकी ब्लॉक इकाई को भंग कर दिया गया है।
अंबरनाथ में कांग्रेस-एनसीपी के साथ आई भाजपा
ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर श्अंबरनाथ विकास अघाड़ीश् के बैनर तले नगर परिषद का नेतृत्व संभाला और सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया। भाजपा पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराकर परिषद अध्यक्ष चुनी गईं।
20 दिसंबर को हुए 60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद के चुनावों में, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जो बहुमत से चार सीटें कम थी। भाजपा ने 14 सीटें, कांग्रेस ने 12, एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार निर्वाचित हुए। एक निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन से, तीन दलों के गठबंधन की ताकत बढ़कर 32 हो गई, जो बहुमत के 30 के आंकड़े को पार कर गई।
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