देश दुनिया में संस्कृत के श्लोक और हिंदी से गूंजने वाली वाराणसी के २३५ साल पुराने राजकीय इंटर कॉलेज में अब अंग्रेजी में पढ़ाई होगी। जानकर अच्छा लगा क्योंकि इससे यह अहसास होता है कि कॉलेज अपडेट और उसकी दशा में सुधार होगा और छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त कर भविष्य को निखार सकेंगे। एक खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के पहले राजकीय कॉलेज क्वींस इंटर कॉलेज में आगामी सत्र से अब अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी। कॉलेज के इतिहास में 235 साल बाद पहली बार ऐसा होगा जब बच्चे हिंदी के साथ ही अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाई करेंगे। कॉलेज में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 11 तक के छात्रों को यह सुविधा मिलेगी। साथ ही इस बार की परीक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक पाने वालों को कक्षा 9 और 11में निशुल्क प्रवेश के साथ ही शिक्षा भी दी जाएगी।
पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज प्रदेश का पहला राजकीय कॉलेज है। इसकी स्थापना 1791 में हुई थी। इसे साहित्य की पौध भी कहा जाता है। इस कॉलेज में 234 वर्ष बाद बीते शैक्षणिक सत्र से लड़कियों को भी पढ़ने का मौका मिला है। इस बार नई पहल के तहत बच्चों का अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। शिक्षकों को अभी से अपडेट होने के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से दे दिए गए हैं। इसके लिए शिक्षकों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विद्यालय का एलुमनी एसोसिएशन और निजी संस्थान करेगा सहयोग
प्रधानाचार्य ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम में शुरू होने वाली पढ़ाई को लेकर विद्यालय में पढ़ रहे छात्रों के साथ ही एलुमनी छात्र भी उत्साहित हैं। विद्यालय से जुड़े एलुमनी एसोसिएशन और शहर के एक निजी संस्थान ने इस पहल का सहयोग करने को आश्वासन दिया है। निजी संस्थान की ओर से बच्चों को मुफ्त आईआईटी और मेडिकल की पढ़ाई कराई जाएगी।
सबसे अच्छी सूचना यह है कि ९० फीसदी से ज्यादा अंक लाने वालों को कक्षा नौ और ११ में निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। मैं कोई अंर्ग्रेजी प्रेमी तो नहीं हूं लेकिन सबके बराबर खड़ा होने और विकास संपन्नता प्राप्त करने के लिए जितना ज्यादा ज्ञान हो सके होना चाहिए इसे ध्यान रखते हुए देशभर में ऐेसे स्कूलों की खोज कर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपडेट किया जाना चाहिए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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