Date: 28/02/2024, Time:

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण केे दो जेईयों द्वारा पुत्री की शादी में बेहिसाब धन खर्च करने की चर्चा, आय से अधिक संपत्ति को ध्यान में रखते हुए जनहित में हो जांच

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गाजियाबाद, 03 फरवरी (विशेष संवाददाता)। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा फिजूलखर्ची रोकने एवं हर व्यक्ति को दो समय का भोजन सही दामों पर प्राप्त हो सके। और अन्न की बेकद्री व कमी भी ना हो इसके लिए शायद विवाह समारोह में कितने लोग शामिल हो सकते हैं इस बारे में नागरिकों के अनुसार एक नियम बनाया गया है। प्रमुख लोगों का कहा है कि इसके पीछे एक कारण यह भी था कि आय से ज्यादा खर्च करने पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को बढ़ावा मिलता है। बीते दिनों हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने अपने निजी सचिव को गुरूग्राम के सहायक अभियंता से खाद्य़ पदार्थ उपहार में लेने के चलते नौकरी से निकाल दिया तो सहायक अभियंता को भी निलंबित किया बताते हैं। दूसरी तरफ नगर निगम मेरठ में कर्मचारी धर्मेद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई बताते हैं तथा शासन के आदेश पर उनकी जांच भी चल रही बताते है। दूसरी तरफ विजीलेंस की जांच भी बताई जा रही है। ऐसी खबरें पढ़कर आज कुछ नागरिकों का मौखिक रूप से कहना था कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में तैनाती और पूर्व में मेरठ मे रहे दो जेई ने अपने पुत्र और पुत्री की शादी में भरपूर धन खर्च किया। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक जेई जो अब प्रयागराज में होने वाले कुंभ में तैनात है उसने गाजियाबाद के वेंदांता जैसे महंगे समारोह स्थल पर अपने पुत्र की शादी में बड़ी संख्या में लोगों को दावत दी। दूसरे ने नोएडा या गुरूग्राम में महंगे विवाह मंडप में अपनी बेटी की शादी में करोड़ो खर्च किए बताए जा रहे हैं। उक्त जेई अभी गाजियाबाद में ही तैनात बताया जाता है। इनके बारे में चर्चा करने वाले इनका नाम तो नहीं बता पाए लेकिन उनका कहना था कि बीते साल में यह दोनों शादिया हुई। अगर जांच कराई जाए तो आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों से संबंध बिंदु खुलकर सामने आ सकते हैं। पहले मेरठ और फिर गाजियाबाद में नियम विरूद्ध निर्माण कराने वाला जेई जो अब प्रयागराज में माल कमाने के साथ अपने पाप धोने की कोशिश रहा है। कुछ सूत्र बताते हैं कि यह दोनों जेई जितने महंगे कपड़े जूते और चश्मे पहनते हैं उतने महंगी सौंदर्य सामग्री तो करोड़पतियों के बच्चे भी उपयोग नहीं कर पाते। जब नगर निगम के क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। हरियाणा के मंत्री का सचिव हटाया जा सकता है तो विकास प्राधिकरण में तैनात इन दोनों जेई की घोषित और अघोषित संपत्ति आय का पता लगाने के लिए आय से ज्यादा संपत्ति की जांच व शादी में बेहिसाब खर्च करने की चर्चा की जांच उपरंात कार्रवाई की ही जानी चाहिए। क्योंकि जितना भ्रष्टाचार इन लोगों ने बढ़ा रखा है उसके बारे में पूर्व में कई बार बड़े स्तर पर भी टिप्पणी कर चुकी है।

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