Date: 30/05/2024, Time:

अंकित सक्सेना मर्डर केस में कोर्ट ने सलीम, अली और शहनाज बेगम को सुनाई उम्रकैद सजा

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नई दिल्ली 07 मार्च। दिल्‍ली में वर्ष 2018 में हुए अंकित सक्सेना हत्याकांड मामले में तीस हजारी कोर्ट ने आज तीस हजारी कोर्ट ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने इस मामले में आरोपी मोहम्मद सलीम, अकबर अली और उसकी पत्नी शहनाज बेगम को आजीवन कैद की सजा सुनाई है. तीज हजारी कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 50- 50 हज़ार का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने कहा कि दोषियों की उम्र, आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए मौत की सजा नहीं दी जा रही है.

कोर्ट ने तीनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है और जुर्माने की रकम अंकित सक्सेना के परिवार को दी जाएगी. अंकित दो आरोपियों अकबर अली और शहनाज बेगम की बेटी के साथ रिश्ते में था, जो कथित तौर पर इस रिश्ते के विरोधी थे, क्योंकि दोनों अलग-अलग धर्मों से थे. तीसरा आरोपी महिला का चाचा था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार शर्मा की अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही पर भरोसा करते हुए 23 दिसंबर 2023 को फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अंकित की हत्या के सभी आरोप‍यिं को दोषी पाया था.

1 फरवरी 2018 को 23 वर्षीय फोटोग्राफर अंकित को उसकी 20 वर्षीय प्रेमिका के परिवार ने पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके के रघुबीर नगर में खुलेआम मार डाला था. पुलिस ने कहा था कि अंकित को अली, बेगम, उनके नाबालिग बेटे और उनके रिश्तेदार मोहम्मद सलीम ने 10-15 मिनट तक पीटा था. पुलिस ने यह भी कहा कि जब आरोपी अंकित के साथ बहस कर रहे थे, अंकित के माता-पिता और दोस्त उसके बचाव में आए, पर आरोपियों ने उसकी मां के साथ मारपीट की. पुलिस ने उन माता-पिता के बयानों पर संज्ञान लिया जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को उनके सामने मार दिया गया था. उन्होंने उसे ई-रिक्शा में लेकर अस्पताल पहुंचे लेक‍नि उसे मृत घोषित कर दिया गया.

जांच के मुताबिक, यह रिश्ता तब सामने आया जब महिला के परिवार को उसके टेक्स्ट और कॉल लॉग मिले, जिसमें अंकित के साथ उसके बातचीत का संकेत म‍लि था. हत्या के तुरंत बाद महिला को नारी निकेतन भेज दिया गया क्योंकि उसने दावा किया था कि उसके परिवार वाले उसे भी मारने की कोशिश कर सकते हैं. इसके बाद में उसे उसकी मौसी के घर भेज दिया गया. उसके चाचा, माता-पिता और भाई को कुछ ही दिनों में पकड़ लिया गया था.

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की गवाही पर भरोसा करते हुए, अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सक्षम था कि मौत ‘तेज धार’ वाले हथियार से हुई थी. यह भी नोट किया गया कि बेगम और अली ने अपनी बेटी के साथ अंकित के रिश्ते को खत्म करने के मकसद से अपना घर बदल लिया था. अभियोजन पक्ष ने कम से कम 28 गवाहों पर भरोसा किया. मुख्य गवाहों में शिकायतकर्ता और मृतक के पिता यशपाल सक्सेना, मृतक की मां कमलेश और अंकित के दोस्त नितिन और अनमोल सिंह शामिल थे.

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