Date: 22/06/2024, Time:

लद्दाख को केंद्र बना सकता है दो नई प्रशासनिक इकाइयां, नुब्रा और जांस्कर को मिल सकता है जिले का दर्जा

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जम्मू, 06 फरवरी। संविधान की छठी अनुसूची और पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले लद्दाखवासियों को एक तोहफा दे सकती है। केंद्र शासित प्रदेश में दो नई प्रशासनिक इकाइयां स्थापित हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, लद्दाख में नुब्रा और जांस्कर को जिले का दर्जा दिया जा सकता है। वर्तमान में लद्दाख में केवल दो जिले हैं- कारगिल और लेह।
लेह एक बौद्ध बाहुल जिला है। इसी में नुब्रा तहसील है। उधर, कारगिल मुस्लिम बहुल जिला है, जिसमें जांस्कर तहसील है। ऐसे में अगर दोनों को जिले का दर्जा मिलता है तो लद्दाख में चार जिले हो जाएंगे। नुब्रा और जांस्कर के लोगों को जिला मुख्यालय में अपने कामों के लिए लेह और कारगिल का रुख नहीं करना पड़ेगा।

दोनों जिलों में है लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद
2019 में जम्मू कश्मीर में अलग कर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया, जिसके लद्दाख के लोगों ने खुलकर स्वागत किया। 2019 से पहले लद्दाख में चार विधानसभा क्षेत्र रहे- लेह, नुब्रा, कारगिल, जांस्कर। चूंकि लद्दाख में अब विधानसभा नहीं है तो यह क्षेत्र निष्क्रिय हो गए। वर्तमान में लद्दाख में एक लोकसभा सीट है और दोनों जिलों में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद हैं।

किन मांगों को लेकर आंदोलनरत है लद्दाख
लद्दाख के विभिन्न संगठन पिछले कुछ समय से चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इनमें पूर्ण राज्य के दर्जा, जनजातीय क्षेत्र के लिए छठी सूची में लद्दाख को शामिल करना, लोकसभा सीट को एक बढ़ा कर दो करना और लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग को स्थापित करना मुख्य मांगों में शामिल है। इसके साथ ही लंबे समय से कारगिल में जांस्कर और लेह में नुब्रा को जिला का दर्जा देने की मांग की जा रही है।
इसे लेकर लेह के विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों का संयुक्त मोर्चा लेह अपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल के विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों का संयुक्त मोर्चा कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) आंदोलन कर रहे हैं। 2021 में प्रारंभिक आंदोलन केवल छठी अनुसूची की मांग के साथ शुरू हुआ, जिसमें तीन अन्य मांगें बाद में जोड़ी गईं।

19 फरवरी को गृह मंत्रालय के साथ बैठक
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रतिनिधिमंडल की बैठक 19 फरवरी बुलाई है।एलएबी और केडीए के 14 सदस्यों के अलावा, लद्दाख के एलजी, ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बीडी मिश्रा, सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल और लेह और कारगिल के हिल डेवलपमेंट काउंसिल के दोनों अध्यक्षों के भी बैठक में भाग लेने की उम्मीद है।

एलएएचडीसी को मिल सकती हैं अतिरिक्त शक्तियां
सरकार लेह और कारगिल की लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (एलएएचडीसी) को और अधिक शक्तियां देने की भी योजना बना रही है। सूत्रों की मानें तो छठी अनुसूची और स्थानीय लोगों को नौकरियां देने पर चर्चा जारी रहेगी। केंद्र सरकार लद्दाख में नई प्रशासनिक इकाइयां बना सकती है सूत्रों ने बताया है कि लद्दाख के सांसद जामयांग त्सेरिंग नामग्याल ने भी वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ केंद्र शासित प्रदेश की एकमात्र सीट के लिए लोकसभा चुनाव पर आंदोलन के नकारात्मक प्रभाव पर चर्चा की है।
पिछले साल चार दिसंबर को हुई बैठक में राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केडीए और एलएबी को अपनी चार मांगें लिखित में देने के लिए कहा था, जिसके बाद मागों का एक ज्ञापन मंत्रालय के पास भेजा गया।

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