Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई
    • डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे
    • पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक
    • भारत का देसी एआई 22 भाषाओं में बोलेगा, इसी महीने आएगा टेक्स्ट वर्जन
    • करीना कपूर एलओसी कारगिल फिल्म के सीन को याद कर भावुक हुईं
    • प्रयागराज के IVF सेंटर पर सौदा, नाबालिग को शादीशुदा बताकर एग्स निकलवाने वाली 4 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार
    • पेराई क्षमता बढ़ी बागपत चीनी मिल की
    • बीड़ी के धुएं ने रोक दी मथुरा में ट्रेन
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»भागवत हो या राम कथा शिवपुराण हो या सुन्दरकांड़, आयोजक अपने यहां के पुजारियों से लेकर संत महात्माओं व महामंडलेश्वर को भी आमंत्रित करें
    देश

    भागवत हो या राम कथा शिवपुराण हो या सुन्दरकांड़, आयोजक अपने यहां के पुजारियों से लेकर संत महात्माओं व महामंडलेश्वर को भी आमंत्रित करें

    adminBy adminOctober 25, 2025Updated:October 25, 2025No Comments7 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    कहते है कि जो धर्म के मार्ग पर नहीं चलता और उसे नहीं मानता वो समाज के लिए भी कुछ नहीं कर सकता और उसका कोई बजूद भी कहीं नहीं होता चाहे वो अपने को कितना ही तीरमारखां समझ लें। शायद यहीं कारण है कि वर्तमान समय में भरपूर महंगाई और समय का आभाव होने के बाद भी देशभर में पहले तो यह व्यवस्था शहरों में ही नजर आती थी लेकिन अब गांव देहातों में भी भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण जी के जीवन से जुड़ी राम कथा व श्रीमदभागवद् कथा के आयोजन आये दिन होने लगे है। पहले यह धार्मिक कार्यक्रम कुछ पैसे खर्च कर और लोगों को जोड़कर सम्पन्न हो जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। इन पर करोड़ों खर्च होते है। भव्य पंडाल बनाये जाते है और व्यवस्था की जाती है और भक्तों को जोड़ने के लिए किया जाता भरपूर प्रचार प्रसार। इसलिए कुछ लोगों का कहना यह सही है कि जो ऐसे धार्मिक आयोजन करते है वो सम्मान और आदर के पात्र है। क्योंकि अगर कुछ लोगों के लिए वीआईपी और अति वीआईपी व्यवस्थाऐं होती है तो आम धार्मिक जन को भी कथा सुनने और भगवान का स्मरण करने का मौका मिलता है। समाज में बहुत से लोग ऐसे होते है जो धर्म को मानने का दिखावा नहीं करते और धार्मिक स्थलों पर भी नहीं जाते। लेकिन कई बार देखा है कि ऐसे लोग भी मन से धर्म को बहुत मानते है। और इसका प्रचार करने वालों का सम्मान भी देते है। क्योंकि समाज को सही मार्ग दिखाने का ऐसे आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    देखने में आया है कि आयोजक पूरी दुनिया में शोहरत हासिल करने में सफल साधु संतों व प्रमुख नागरिकों को तो भरपूर तरीके से आमंत्रित करते है और चाहते है कि वो उनके कार्यक्रमों में आये और आने पर उनका सम्मान व सत्कार भी किया जाता है। मगर कई मौकों पर सुना और देखा है कि ऐसा भूलवश होता हो या इतजाम की व्यवस्थाओं में दिमाग से उतर जाता हो मगर जो भी हो जाने अजाने में आयोजक और उनके सहयोगी स्थानीय मंदिरों के पुजारियों अपने शहर के बड़े संत महात्माओं महामंडलेश्वरों व प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के संस्थापकों को बुलाना भूल जाते है जो शायद सही नहीं है। क्योंकि कोई कह कुछ भी लें भले ही वो दो समय की रोटी जुटाने के लिए प्रयासरत रहते हो लेकिन जिसमें वो कार्यरत रहते है वो धार्मिक स्थल छोटा हो या बड़ा गली मौहल्ले में हो या प्रमुख स्थान पर उसके पुजारी तक भगवान की आराधना धर्म का प्रचार भक्तों को सही मार्ग दिखाने का काम बाखूबी करते है।
    इसलिए कुछ लोगों के कथन से हम भी सहमत है कि हर आयोजन में बड़े संत महात्माओं के साथ ही अपने यहां के धार्मिक क्षेत्रों में सक्रिय पुजारियों से लेकर महामंडलेश्वरों को सहसम्मान आमंत्रित कर कथा स्थल पर उनके बैठने और निमंत्रण देने की पूर्ण सम्मानजनक व्यवस्था की जाए तो वो भागवत कथा हो या राम कथा शिव पुराण हो या सुन्दरकांड जो भी हो उसकी सफलता की गांरटी तो हो ही जाती है आये विद्वान अपने यहां जाकर आने वाले भक्तों से आयोजन पर चर्चा और वहां हुई कथा की महत्ता पर विचार खूब करते है। ऐसे में आये कथावाचक और उनके द्वारा दिखाये गये सद्मार्ग का संदेश घर घर तक पहुंचता है। और आयोजकों की चर्चा भी कुछ लोगों से निकलकर पूरे समाज में पहुंची है।


    (प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई राष्ट्रीय महामंत्री सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए व पूर्व सदस्य मजीठिया बोर्ड यूपी संपादक पत्रकार)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई

    February 7, 2026

    डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे

    February 7, 2026

    पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक

    February 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.