भगोड़े अपराधियों को देश में वापस लाकर उन्हें न्याय के कठघरे में पहुँचाने तथा देश से घुसपैठियों को बाहर खदेड़ने के मोदी सरकार के अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अब और सख्त निर्देश जारी कर दिये हैं। हम आपको बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी तरह की ढिलाई को अस्वीकार्य बताते हुए अमित शाह ने सभी सुरक्षा और जांच एजेंसियों से घुसपैठ के खिलाफ कठोर कार्रवाई तेज करने को कहा है। साथ ही आतंकवाद, कट्टरपंथ, साइबर अपराध, नार्कोटिक्स और पाकिस्तान की छद्म युद्धनीति जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बेहतर एजेंसी समन्वय पर जोर दिया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित 9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन-2026 का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया कि मल्टी-एजेंसी सेंटर (MAC) के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सूचनाओं का AI आधारित विश्लेषण किया जाए और उससे उभरने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किए जाएं। उनका संदेश साफ है कि देश की सुरक्षा अब केवल पारंपरिक खतरों से निपटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक, खुफिया तंत्र और त्वरित कार्रवाई के जरिए दुश्मन की हर नई चाल का जवाब दिया जाएगा।
आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ भी अमित शाह ने निर्णायक रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने गृह मंत्रालय की PRAHAAR योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण बढ़ाने, फरार अपराधियों को देश वापस लाकर मुकदमों में तेजी लाने और आवश्यकता पड़ने पर ट्रायल इन एब्सेंटिया यानी आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमे की कानूनी व्यवस्था के उपयोग को तेज करने के निर्देश दिए। गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के मामलों की जांच में भी अलग-अलग एजेंसियों के बजाय एक व्यापक और समन्वित दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया।

