मेरठ 29 जुलाई (प्र)। कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान बड़े शिवालयों पर 7 लेयर सुरक्षा और कांवड़ मार्गों पर ट्रिपल लेयर सुरक्षा प्लानिंग लागू की गई है। आतंकी इनपुट और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के गैंग की सक्रियता को लेकर भी अलर्ट जारी है। ऐसे में एटीएस और बाकी एजेंसी की तैनाती की गई है। शिवालय के अंदर, गेट और मंदिर परिसर पर एटीएस की टीम घेरा बनाकर सुरक्षा करेगी। वहीं, बाकी सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के हाथ रहेगी। खुफिया एजेंसियों की टीम भी अलर्ट मोड पर है।
एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर एटीएस और एसटीएफ समेत बाकी टीम को भी उत्तराखंड से लेकर दिल्ली बार्डर तक तैनात किया गया है। दूसरी ओर, बड़े शिवालय में मंदिर परिसर के गेट और अंदर बनाया गया चार लेयर का सुरक्षा घेरा एटीएस के हवाले रहेगा। इसके बाहर ट्रिपल लेयर में पुलिस की टीम सड़क, बैरिकेड और एंट्री प्वाइंट पर तैनात रहेगी।
इसके अलावा कांवड़ मार्गों पर भी ट्रिपल लेयर सुरक्षा दी जाएगी। किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत मदद पहुंचेगी। वहीं जलाशय पर बैरिकेड, नाविक और पीएसी समेत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया जाएगा। प्रशिक्षित गोताखोर भी लगाए गए हैं।
एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर पूरी व्यवस्था लागू कर दी गई है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। रूट डायवर्जन के अनुसार प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की जा रही है। अधिकारियों और प्रत्येक थाना पुलिस को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सड़क कराई गड्ढा मुक्त
जोन-24 में मंगलवार को जोनल मजिस्ट्रेट प्रशासन दिनेश कुमार आर्य, जोनल पुलिस अधिकारी अरविंद कुमार, सेक्टर मजिस्ट्रेट प्रवेश कुमार, भुवनेश्वर शर्मा, उपनिरीक्षक विकास यादव ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। पचपेड़ा में सड़क में बने गड्ढों को भरवाया और कांवड़ मार्ग पर साफ-सफाई कराई।
कांवड़ मार्गों पर शुरू हुई बैरिकेडिंग
कांवड़ यात्रा को सकुशल और व्यवस्थित संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट का व्यापक प्लान जमीनी स्तर पर लागू कर दिया गया है। प्रमुख कांवड़ मार्गों पर रूट डायवर्जन के अनुरूप बैरिकेडिंग शुरू हो गई है, अस्थायी पुलिस चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और प्रत्येक ड्यूटी प्वाइंट पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त फोर्स, सीसीटीवी, ड्रोन सर्विलांस से सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है।
कांवड़ मार्ग पर खुले तारों से मंडरा रहा खतरा
दिल्ली रोड पर मोहिउद्दीनपुर से बागपत अड्डे तक बिजली विभाग की लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए। सड़क किनारे लगे कई बिजली के लोहे के पोल खुले तारों और क्षतिग्रस्त बॉक्स के कारण हादसे को न्योता देते दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को हिंदुस्तान टीम ने मोहिउद्दीनपुर से बागपत अड्डे तक कांवड़ मार्ग का जायजा लिया। सर्वे के दौरान सड़क के दोनों ओर लगे कई बिजली पोलों में खुले तार बाहर निकले मिले। कई पोलों के बॉक्स टूटे हुए थे।
मीट की दुकानों को लेकर निर्देश जारी
धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर संचालित मीट की दुकानों को निर्देश कर दिए हैं। संबंधित दुकानदारों को यात्रा अवधि के दौरान निर्धारित समय तक दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण करेगी और आदेश का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांवड़ मार्ग परशराब की दुकानों को पर्दों से ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
बाइक के साइलेंसर निकालकर न चलें
एडीजी ने बताया कि बाइक से साइलेंसर निकाल कर चलने वाले लोगों को पहले से ही चेताया जा रहा है। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा समेत वेस्ट यूपी में पुलिस अलर्ट भी कर रही है कि ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
10 फीट ऊंचाई और 12 फीट चौड़ाई हो
कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, साथ ही पुलिस को इसके लिए आदेश भी दिया गया है। पुलिस को साउंड मापने और ऊंचाई मापने के लिए यंत्र दिए गए हैं।
दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेस वे पर न जाएं
एडीजी ने अपील की है कि कोई भी कांवड़ियां दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे और गंगा एक्सप्रेस वे पर न जाए। सभी कांवड़ियां परंपरागत मार्ग पर आएं, ताकि कोई असुविधा न हो। यहां पर एंबुलेंस, लाइट, शिविर और शौचालय समेत तमाम व्यवस्था है। बताया कि गांव देहात के इलाकों में व्यवस्था बनाने के लिए ग्राम सुरक्षा समिति से मदद ली जा रही है। इन लोगों की टीम बनाई गई है और पुलिस ग्रुप में जोड़ा गया है।

