Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • चार महीने बंद रहेगा कानपुर का जाजमऊ ओवरब्रिज
    • यूपी की राज्यपाल ने दिया छात्र छात्राओं को अच्छे व खुशहाल जीवन का संदेश
    • मुख्यमंत्री जी अधिकारियों से कहिए दावों की बजाय बिजली आपूर्ति में सुधार करें, इनके मुंगेरी लाल के सपने दिखाने से कुछ होने वाला नहीं है
    • हम भी क्यों ना बातों में बात मिला लें!
    • दरोगा महिला से बोला- तुम बहुत खूबसूरत हो, लिव-इन में रहा, प्रेग्नेंट होने पर अबॉर्शन कराया
    • बारुईपुर में 11 साल की बच्ची से रेप-हत्या के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल का एनकाउंटर
    • बीमा के 8 दिन बाद महिला की मौत, क्लेम का दावा निरस्त करने वाली कंपनी को देने होंगे ₹20.25 लाख
    • देवबंद में सरकारी जमीन पर बनीं छह मस्जिद और मजार होंगे ध्वस्त
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»हम भी क्यों ना बातों में बात मिला लें!
    देश

    हम भी क्यों ना बातों में बात मिला लें!

    adminBy adminJuly 8, 2026Updated:July 8, 2026No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    आजकल क्या हमेशा ही कम या ज्यादा मिलावटखोरी को लेकर सवाल उठते रहे है। छापे भी पड़ते है लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई परमानेंट न होने से मिलावट की व्यवस्था ज्यादातर चीजों में होने की खबरें खूब मिलती है। कहीं कहीं तो ऐसा पता चलता है कि बिलकुल विपरीत चीजें मिलाने से भी बेचने वाले नहीं हिचकिचा रहे है। क्योंकि अब जैसा देखने को मिलता है कि इस मुद्दे को लेकर कोई खबर छप जाए या कुछ लोग ज्ञापन देने पहुंच जाए मगर आम आदमी इसके विरोध में ना पहले कभी खड़ा हुआ और ना आज होने को तैयार है। जिससे ऐसा लगता है कि अब वो इस मिलावटखोरी का अभयस्त हो गया है या उसे महसूस होता है कि कुछ होने वाला तो है नहीं मैं ही क्यों समय बर्वाद करूं। सोचा जाए तो इसमे कोई गलत भी नहीं है। हमारे खाद्य विभाग के अफसरों की उदासीनता के चलते ज्यादातर त्यौहारों पर ही इस संदर्भ में कार्रवाई होती नजर आती है। और वर्षों से ऐसा ही होता चला आ रहा हैं। अब तो हाल यह है कि दूध में मिलावट पानी में मिलावट खाने पीने की चीजों में मिलावट इंजेक्शन लगे फल सब्जी बिकने की चर्चा भी खूब सुनने को मिलती है। जबकि हम मिलकर जागरूक हो तो इस कुरीति और मिलावटखोरी पर रोक लग सकती है।
    मेरा तो मानना है कि जब ज्यादातर चीजों में मिलावट हो रही है हमें भी पता है फिर भी हम चुप है तो क्यों ना एक दूसरे की राय न मानकर छोटी छोटी बातों पर होने वाले बड़े बड़े हंगामों एवं घरेलू कलेश ना हो अच्छा यह है कि मिलावटखोरों की तरह भले ही हम मन से माने या ना माने अपना व समाज हित का ध्यान रखें मगर कोशिश करे कि विवाद कराने की बजाए बातों में बात मिलाने को प्राथमिकता दें क्योंकि इससे कई तरह के विवाद व झगड़े आसानी से मिट सकते है। करें आप अपने मन की मगर बातों की मिलावट में अगर समझदारी से काम लें तो जीवन में बल्ले ही बल्ले है।
    (प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई पत्रकार)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    चार महीने बंद रहेगा कानपुर का जाजमऊ ओवरब्रिज

    July 8, 2026

    यूपी की राज्यपाल ने दिया छात्र छात्राओं को अच्छे व खुशहाल जीवन का संदेश

    July 8, 2026

    मुख्यमंत्री जी अधिकारियों से कहिए दावों की बजाय बिजली आपूर्ति में सुधार करें, इनके मुंगेरी लाल के सपने दिखाने से कुछ होने वाला नहीं है

    July 8, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.