नई दिल्ली, 30 जून (ता)। हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा का बहुत महत्व बताया गया है। जगन्नाथ पुरी भी इन्हीं धामों में से एक है। जगन्नाथ पुरी को चारों धामों में सबसे बड़ा और पूर्ण धाम माना गया है। कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति अपने जीवनकाल में एक बार जगन्नाथ धाम आ जाए, तो उसकी चार धाम की यात्रा पूर्ण मानी जाती है। यह धाम है श्रीकृष्ण का, जहां वे अपनी भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। हर धार्मिक स्थल की तरह यहां की भी कुछ अनोखी परंपराएं हैं, जिनमें से एक बहुत ही विचित्र है।
जगन्नाथ पुरी में भक्तों को प्रसाद में श्बेंतश् मारने की प्रथा है। सुनकर आपको भी बहुत ज्यादा अटपटा लग रहा होगा, मगर यह परंपरा वर्षों से यहां पर निभाई जा रही है। इसके पीछे एक प्रचलित कथा भी है। चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं। यह कथा भगवान श्रीकृष्ण के बचपन से जुड़ी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण बचपन में बहुत नटखट थे। मां यशोदा हमेशा उनको डांटती रहती थी और कभी-कभी बेंत से मारती भी थी। इसी बेंत को खाते-खाते भगवान श्रीकृष्ण एक ग्वाले से द्वारकाधीश बन गए। यह बेंत भगवान श्रीकृष्ण को अति प्रिय है। इसलिए जगन्नाथ पुरी में इसे उनकी प्रतिमा के समीप ही रखा जाता है।
यह कथा भगवान श्रीकृष्ण के बचपन से जुड़ी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण बचपन में बहुत नटखट थे। मां यशोदा हमेशा उनको डांटती रहती थी और कभी-कभी बेंत से मारती भी थी। इसी बेंत को खाते-खाते भगवान श्रीकृष्ण एक ग्वाले से द्वारकाधीश बन गए। यह बेंत भगवान श्रीकृष्ण को अति प्रिय है। इसलिए जगन्नाथ पुरी में इसे उनकी प्रतिमा के समीप ही रखा जाता है। मंदिर के पुजारी इस बेंत से दर्शन करने आए भक्तों को मारते हैं। ऐसी मान्यता है कि जिस भक्त को भगवान का बेंत पड़ जाता है, उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। उसे जीवन में सही दिशा नजर आने लग जाती है और कष्ट भी कम होने लग जाते हैं। यह बेंत नारियल की लकड़ी का बना होता है और इसे भगवान श्री जगन्नाथ का विशेष प्रसाद माना जाता है।
जगन्नाथ पुरी जाने वालों को वहां से यह बेंत जरूर लाना चाहिए। प्रसाद की डलिया में ही आप इसे रखवा सकते हैं। इस बेंत को आप अपने घर के मंदिर में रखकर, हर बार पूजा के बाद परिवार के सदस्यों को टच करा सकते हैं। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और सफलता के द्वार खुल जाते हैं। जिस प्रकार से घर के मंदिर में रखे भगवानों की पूजा होती है, ठीक उसी प्रकार से इस बेंत की भी पूजा की जाती है।घर में इस बेंत की मौजूदगी से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। तो अगर आप भी जगन्नाथ पुरी जा रहे हैं, तो बेंत का प्रसाद जरूर ग्रहण कर आएं। साथ ही अपने घर के मंदिर के लिए भी वहां से बेंत जरूर लाएं।
नोट:- इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। ताजा खबर इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। ताजा खबर अंधविश्वास के खिलाफ है।
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