मेरठ 29 जून (प्र)। तीन दिन से अघोषित बिजली कटौती झेल रहे लोगों का सत्र रविवार रात आखिरकार टूट गया। भीषण गर्मी, उमस और अंधेरे में रातें काट रहे लोगों ने पहले माधवपुरम बिजलीघर का घेराव किया, फिर वहां ताला जड़ दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए जब सूचना देने के बावजूद काफी देर तक बिजली निगम का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज भीड़ का गुस्सा बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग डंडे लेकर पहुंचे और बिजलीघर पर पथराव कर दिया। हालांकि, पथराव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
माधवपुरम और आसपास के क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली की आवाजाही बनी हुई थी। लोगों का आरोप है कि दिन हो या रात, बार-बार बिजली गुल होने से बच्चों, बुजुगों और मरीजों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है। शिकायतें करने के बाद भी समाधान नहीं मिलने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बिजलीघर पर हंगामे के दौरान कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई कर्मचारी वहां से हट गए। इसके बाद प्रदर्शनकारी ब्रह्मपुरी-टीपी नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे मेन दिल्ली रोड पर पहुंच गए और सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें गईं और राहगीरों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक बिजली व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों से बातचीत नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान कराया जाएगा। भाजपा नेता कमल दत्त शर्मा ने अधीक्षण अभियंता मोहम्मद अरशद और अधिशासी अभियंता धर्मवीर से फोन पर वार्ता की। उन्होंने माधवपुरम, शारदा रोड, सरस्वती लोक और ब्रह्मपुरी समेत कई क्षेत्रों में लगातार बिजली बाधित रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लापरवाही के कारण ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड बढ़ रहा है, जिससे ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं और तारें पिघल रही हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार कर निबंध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
शिकायतें होती रहीं लेकिन नहीं पहुंचे जिम्मेदार
उधर, मेडिकल क्षेत्र समेत शहर के कई अन्य हिस्सों से भी बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें मिली। बिजली म का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने और ओवरलोडिंग से आपूर्ति प्रभावित हुई है। लगातार शिकायत करने के बावजूद बिजली घर से कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा और नही मौके पर अधिकारी पहुंचे। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार मेंटेनेंस और सुधार के दावों के बावजूद हालात नहीं बदल रहे उनका साफ कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं बल्कि निर्वाध बिजली आपूर्ति चाहिए।

