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    Home»देश»चिराग तले अधेराः मेडा अपने ही दफ्तर का पूर्णता पत्र जांचना भूला, आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी
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    चिराग तले अधेराः मेडा अपने ही दफ्तर का पूर्णता पत्र जांचना भूला, आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी

    adminBy adminJune 9, 2026No Comments4 Views
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    मेरठ 09 जून (प्र)। जिले के सभी होटलों को पूर्णता प्रमाणपत्र पूरा करने के लिए नोटिस जारी करने वाले मेडा अधिकारी अपने कार्यालय के पूर्णता पत्र को जांचना भूल गए। उनके कार्यालय की चार मंजिल इमारत में आग बुझाने के होज रील, ओवरहेड वाटर टैंक और पंप, स्मोक डिटेक्टर, एग्जिट साइनेज समेत कई बड़े यंत्र गायब हैं। कार्यालय के हर ब्लाक, कंप्यूटर रूम और रिकॉर्ड रूम के बाहर अलग-अलग श्रेणियों के अग्निशमन सिलेंडर इंस्टॉल है। जबकि इस बिल्डिंग परिसर में होमगार्ड कार्यालय, जिला सूचना कार्यालय, इंडियन बैंक, पर्यटन विभाग, रजिस्ट्री कार्यालय, सीटीपी लखनऊ का कार्यालय है। इस बिल्डिंग में करीब डेढ़ हजार लोगों का आना जाना बना रहता है।

    दिल्ली के मालवीय नगर से सटे हौज रानी क्षेत्र में तीन जून को होटल में आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद मेडा ने भी शहर के होटलों के दस्तावेज खंगाले। स्पष्ट हुआ किसी भी होटल ने पूर्णता प्रमाण पत्र नहीं लिया है। मेडा के अधिकारी ने सभी होटलों में सर्वे के लिए टीम बनाई है। तीन दिन तक सभी होटलों को नोटिस जारी किए। पर मेडा ने अपने कार्यालय में फायर के इंतजाम को लेकर कोई कड़ा कदम नहीं उठाया मेडा कार्यालय परिसर में आग बुझाने के फायर मानक के अनुसार साधन नहीं है। कार्यालय के फायर सेफ्टी नाम के लिए करीब दो-दो किलो के सिर्फ फायर सिस्टम लगे हुए हैं। जबकि मेडा में अपना वाटर टैंक तक नहीं है। अगर यहां पर मालवीय नगर जैसी आग की। घटना हो गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है।

    आठ हजार गज के दो हिस्सों में बनी है बिल्डिंग
    मेड़ा कार्यालय जिस बिल्डिंग में खुला है, वह बिल्डिंग 4 हजार गज में 3 मंजिला इमारत 1984 में बनाई गई। इसके बाद वही पर खाली चार हजार गज में दूसरी 4 मंजिल इमारत खड़ी की गई। एक बिल्डिंग में मेड़ा का कार्यालय है। दूसरी 4 मंजिल इमारत में जिला सूचना अधिकारी, इंडियन बैंक, जिला होमगार्ड कमाडेंट कार्यालय, उप निबंधक कार्यालय, पर्यटन विभाग, सीटीपी लखनऊ का कार्यालय है। इन कार्यालयों में विभागों ने अपने अपने फायर सिस्टम लगा रखे हैं।

    आपदा में भी तलाश लिए अवसर
    दिल्ली के मालवीय नगर में हुई आग की घटना को लेकर मेरठ में होटल, अस्पताल व अन्य संस्थानों में फायर सेफ्टी नार्मस चेक करना फायर विभाग का कार्य था, लेकिन प्राधिकरण के कर्मचारियों ने आपदा में भी अवसर तलाश करते हुए नोटिस नोटिस का खेल शुरू कर दिया। इसके साथ शहर के तमाम नर्सिंग होम, होटल, पेट्रोल पंप, अस्पताल संचालक संस्थान आदि को पूर्णतया प्रमाण पत्र के नाम से नोटिस जारी करते हुए वसूली अभियान चला दिया। सैकड़ों समझदार जान जाएंगे कि मेडा कर्मचारी नोटिस के नाम पर होटल व पेट्रोल पंप मालिकों से किस तरीके से डीलिंग करेंगे। वह मेडा के उच्चाधिकारियों की मंशा पर पानी फेर देंगे। पैसा कम बदनामी अधिक होगी पूरी तरह से अवैध वसूली में लिप्त गिरोह बंद तरीके से कर्मचारी नोटिस नोटिस का खेल शुरू कर चुके हैं।

    आग से निपटने के ये इंतजाम होने चाहिए
    ढांचागत और निकास व्यवस्था पर्याप्त चौड़े निकास द्वार।
    आपातकालीन सीढियां ।
    एग्जिट साइनेज।
    अग्निशमन उपकरण फायर एक्सटिंग्विशर।
    होज रील और डाउन कमर सिस्टम।
    ओवरहेड वाटर टैंक और पंप।
    अली वॉर्निंग सिस्टम अग्निशमन अलार्म ।
    स्मोक डिटेक्टर।

    मेरठ विकास प्राधिकरण सचिव अर्पित गुप्ता का कहना है कि कार्यालय में फायर के सभी साधन उपलब्ध है। जिस साधन की कमी है, उसको पूरा करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

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