मेरठ 20 मई (प्र)। मेरठ के कारोबारी को दिल्ली बम धमाकों में फंसाने और आतंकी घोषित करने की धमकी देकर 20 लाख की वसूली करने वाले दोनों दरोगा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। शासन से अनुमति के बाद इस चार्जशीट को कोर्ट में भेजा जाएगा। लोहियानगर थाने में तैनात दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार ने वसूली की थी, जिसके बाद एसएसपी से शिकायत हुई थी।
लिसाड़ी गेट के इस्लामाबाद निवासी रासिख धागा कारोबारी है। 8 दिसंबर 2025 को रासिख को कार सवार दो दरोगा घर के पास से उठाकर ले गए थे। रासिख को अवैध हिरासत में रखा और परिजनों को धमकी दी कि रासिख को दिल्ली धमाके में आरोपी बना आतंकी बताकर जेल भेज देंगे। धमकी देकर 50 लाख रुपये की मांग की गई। रासिख की बात उसके परिजनों से कराई गई और 20 लाख रुपये की रकम वसूली ली गई। रकम लेकर रासिख का बहनोई नईम आया था। रकम लेने के बाद भी दोनों दरोगा लगातार रासिख को ब्लैकमेल कर ज्यादा रकम मांग रहे थे।
इसी को लेकर रासिख ने तत्कालीन एसएसपी मेरठ डॉ. विपिन ताडा से शिकायत की थी। जांच तत्कालीन एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को दी गई। छानबीन में वसूली के साक्ष्य मिल गए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरोपी दरोगा लोकेंद्र साहू और महेश कुमार को गिरफ्तार कराया। दोनों के पास से 15 लाख रुपये की रकम बरामद होने की चर्चा रही। इस मामले में खुलासा होने के बाद 10 फरवरी 2026 को लिसाड़ी गेट थाने में पीड़ित रासिख की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया। भ्रष्टाचार के अलावा अवैध हिरासत में रखने, वसूली और धमकी देने की धाराएं लगाई गई थी।
सीओ कोतवाली को मिली थी जांच: इस मामले में सीओ कोतवाली को जांच मिली थी। शुरुआत में तत्कालीन एएसपी कोतवाली अंतरिक्ष जैन ने जांच की और साक्ष्य जुटाए थे। इसके बाद सीओ अभिषेक पटेल को कोतवाली का चार्ज मिला और जांच उन्हें दी गई। सीओ ने इस मामले में कॉल डिटेल, मोबाइल कॉल लोकेशन, कुछ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, बयान और बाकी साक्ष्य आधार पर जांच शुरू की। दोनों आरोपी दरोगा के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने के कारण सीओ कोतवाली ने मुकदमे में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट को लेकर पहले डीआईजी मेरठ का अनुमोदन लिया गया। अब शासन से अनुमति मांगी गई है। शासन से अनुमति मिलते ही चार्जशीट कोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद दोनों आरोपी दरोगा पर मुकदमा चलेगा।
इलाहाबाद से हुई थी दोनों दरोगा की गिरफ्तारी
मुकदमा दर्ज होते ही दोनों आरोपी दरोगा मेरठ से फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए स्वाट टीम को लगाया गया था। दोनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका के लिए प्रयास में लगे थे और एक हेड कांस्टेबल उनकी मदद कर रहा था। इस दौरान फरवरी में ही आरोपियों को इलाहाबाद से मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मेरठ कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था।

