संस्कृत के स्कूलों को शिक्षक और आर्थिक सहायता तो दिए जाएं लेकिन फर्जीवाड़े पर भी रखी जाए नजर

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शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को आगे लाने और अभिभावकों की अपने बच्चों को पढ़ाने तथा काबिल व संस्कारवान बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। शायद इसी कड़ी में यूपी सरकार द्वारा प्रदेश के संस्कृत के स्कूलों मे 2000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई है।
संस्कृत भाषा और मातृ व राष्ट्रभाषा हिंदी दोनों का संरक्षण और उन्हें बढ़ावा देने तथा पहचान कायम रखने की आवश्यकता को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन यह भी जरूरी है कि इस नाम पर संस्कृत के स्कूल में इनकी मैनेजमेंट कमेटी एवं कुछ शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की मिलीभगत से जो शासन की आर्थिक सहायता की बंदरबांट होने की खबरें पढ़ने सुनने को मिलती है जनहित में तथा बजट सही दिशा में और उपयोगी तरीके से काम में लगे हमारी भावी पीढ़ी संस्कृत पढ़कर देश विदेश में अपनी काबिलियत का झंडा फहराए यह सब चाहते हैं और क्योंकि अब दुनिया के तमाम देशों में जहां जहां भारतवंशी बसते हैं। वहां पूजा पाठ कराने और मंदिरों के संचालन हेतु संस्कृत के विद्वानों व शिक्षित नौजवानों की बड़ी मांग हैं और तनख्वाह भी अच्छी मिलती है। इसलिए सरकार शिक्षकों की भर्ती करने और इसके स्कृलों को अिर्थक सहायता देने के साथ यह भी सुनिश्चित करे कि पर्याप्त मात्रा में बच्चे हैं या नहीं कहीं फर्जी तरीके से बच्चों की संख्या तो नहीं बढ़ाई जा रही। ये देखा जाना भी जरूरी है। इससे संबंध खबर के अनुसार यूपी के संस्कृत स्कूलों में जल्द ही संविदा पर 2000 शिक्षक भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही दो वर्ष पूर्व संविदा पर भर्ती किए गए 440 शिक्षकों की सेवा का भी नवीनीकरण किया जाएगा। भर्ती और नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सकेगी। भर्ती किए जाने एवं पहले से संविदा पर कार्य कर रहे शिक्षकों की सेवा का नवीनीकरण किए जाने का एक प्रस्ताव शासन को भेजा है। राज्य के संस्कृत विद्यालयों में वर्ष 1990 से कोई भर्ती नहीं हुई है। संयुक्त शिक्षा निदेशकों के स्तर से भर्तियां शुरू कराई गई थीं लेकिन किन्हीं कारणों से उन पर विवाद हो गया और मामला कोर्ट में चला गया।

– रवि कुमार बिश्नोई

संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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