जनता के कठघरे में जनप्रतिनिधि?

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हमने अकसर लोगो को बात करते सुना होगा की भ्रष्ट्राचार बहुत बढ़ गया है, महंगाई ने जान ले रखी है, हमारे जनप्रतिनिधि बेकार है, काम नही करते पर सवाल यह है की हम इसके लिए कर क्या रहे हैं, क्या हम अपने जनप्रतिनिधियों को समय समय पर अपनी समस्याओं से अवगत कराते है या फिर सरकार द्वारा जो नई योजनाएं निकाली जाती है उसको कहां तक लागू कराने में सहायता करते हैं।
सिर्फ जनप्रतिनिधियों व सरकार को कोसना और उसके लिए किसी भी प्रकार का अपनी तरफ से प्रयास ना करना भी किसी हद तक सही नहीं कहा जा सकता क्योकि अगर एक पुरानी कहावत की बिन रोए तो मां भी दूध नही पिलाती को सार्थक करते हुए यह बात कही जा सकती है कि हमें कही न कही अपने जनप्रतिनिधि चाहे वो किसी भी स्तर के हों उनसे मुलाकात करते रहना चाहिए व उनके द्वारा सरकार की योजनाओं को लागू कराने व आमजन या अपने क्षेत्र में प्रगति के लिए उनके द्वारा क्या किया जा रहा है इसकी पूर्ण जानकारी लेनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों द्वारा भी लोगों की पूर्ण संतुष्टि करी जानी चाहिए।
दोस्तों आजकल सोशल व डिजिटल मीडिया का जमाना है और अगर हम चाहे तो कुछ भी जानकारी अपने हित की या फिर अपनी समस्याओं को लेकर प्राप्त कर सकते हैं व ऑनलाईन भी हर प्रकार की परेशानी को लेकर उसकी शिकायत हर स्तर पर सरकार द्वारा जारी की गयी वेबसाईटों के माध्यम से कर सकते है। आओ जागरूक बने व आसपास के लोगो को हीन भावना से ग्रसित होने से बचाते हुए उन्हे भी जागरूक करे और उन्हें अपनी समस्याओं का हल ढूंढ़ने में मद्द करे।

– रवि कुमार बिश्नोई

संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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