प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी, अभिभावकों को अकेले अपनी बेटियों को नहीं भेजना

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वर्तमान में अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत बढ़िया नौकरी मोटी तनख्वाह परिवार में खुशहाली की कामना के चलते अमीर हो या गरीब उसे अपनी हैसियत से भी बढ़कर पढ़ाई कराने औ बच्चों को कामयाब बनाने का सपना लगभग सभी देखते हैं और ऐसा करें भी क्यों ना। हमारी सरकार तमाम तरह की सुविधाएं बच्चों और बच्चियों को साक्षर बनाने के लिए उपलब्ध करा रही है तो आम आदमी की इस भावना को ध्यान में रखते हुए कुछ शिक्षा माफियाओं ने भी बड़ी बड़ी दुकानें खोल ली है। यहां तक तो फिर भी ठीक है लेकिन जिस प्रकार की घटना बीते दिनों मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में घटी वो शर्मनाक तो है ही एक बात इससे और स्पष्ट हो रही है कि बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए लगभग हर तरफ से आंखें बंद की जा रही है जिसका फायदा उठाकर कुछ हैवान लोग बच्चियों की आबरू और भविष्य दोनों से खिलवाड़ करने पर उतर आए हैं।
बताते चलें कि सीबीएसई की प्रयोगात्मक परीक्षाओं के बहाने दसवीं क्लास की कुछ छात्राओं को यहां के सूर्य देव और जीजीएस इंटरनेशनल स्कूल के संचालक तैयारी कराने के नाम पर बच्चियों को घरों से स्कूल ले आए और मां बाप ने बिना यह देखें कि साथ में ना महिला टीचर है और ना संचालकों की पत्नियां और बच्चे। अपनी बेटियों को एग्जाम में सफलता दिलाने की सोचकर स्कूल संचालक योगेश कुमार आदि के साथ भेज दिया। जहां खबरों के अनुसार रात का अंधेरा बढ़ते ही बच्चियों को लाते समय देवता दिखाई दे रहे स्कूल संचालक हैवान बन गए। बताते हैं कि रात को बच्चियों ने खिचड़ी बनाई जिसे खराब बताकर फेंक दिया गया और बताते हैं कि फिर अपनी बनाई खिचड़ी जिसमें नशीला पदार्थ मिला था बच्चियों को खिलाई गई  और उसके बाद हवस के दानवों ने अपना रंग दिखाना शुरू किया। एक छात्रा जिसने खिचड़ी नहीं खाई खबर के अनुसार उसने पूरी रात शौचालय में बंद होकर बिताई। बाद में उसे फेल करने की धमकी देकर डराया भी गया। और मजे की बात एक अभिभावक द्वारा लिखित शिकायत पर पुरकाजी के थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह मामले को दबाते रहे। लेकिन भाजपा नेता और पुरकाजी के विधायक प्रमोट उटवाल ने जब एसएसपी से शिकायत की तो मामला गरमाया और एएसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की सिफारिश पर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया।
मामला क्योंकि अब चर्चाओं में आ चुका है और बाल कल्याण समिति ने भी इसका संज्ञान लिया है तो पुरकाजी थाने की दो टीमें, सर्विलासं, क्राइम बंा्रच की टीम आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएसपी अभिषेक यादव के अनुसार एक आरोपी योगेश कुमार जो सूर्यदेव पब्लिक स्कूल का संचालक बताते है गिरफ्तार हो चुका है। दूसरा भी बच नहीं पाएगा। देवता से हैवान बने स्कूल संचालक पकड़े ही जाएंगे होगा क्या यह अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन एक विषय जो सबसे ज्यादा सोचनीय है वो यह है कि बच्चों को शिक्षित बनाने के नाम पर मां बाप हर तरह से आंखें क्यों मींच लेते हैं अगर प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारी ही करानी थी तो पुरूष स्कूल संचालकों के विश्वास पर बेटियों को नहीं छोड़ा जाना चाहिए था और अगर साथ में महिलाएं भी होती तो भी अभिभावकों को बीच बीच में जाकर अपनी बच्चियों का हाल चाल लेकर रात को उन्हें घर लेकर आना चाहिए था। ऐसा क्यों नहीं हुआ यह तो वो ही जान सकते हैं मगर इस घिनौनी घटना में दोषियों को सजा मिलने के साथ साथ अभिभावकों को भी ऐसे मामलों में सोचना होगा।

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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