पाकिस्तान की 5 फार्मा कंपनियों पर भारत का है 2.82 करोड़ रुपये बकाया, दूतावास पहुंचा मामला

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नई दिल्ली. पाकिस्तान की 5 फार्मा कंपनियों पर भारत के सप्लायर का 2.82 करोड़ रुपये बकाया है. इस बात की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में दी. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के माध्यम से समाधान के लिए पाकिस्तान में संबंधित अधिकारियों के साथ उठाया गया था. बता दें कि पटेल ने शुक्रवार को एक सवाल के जवाब में ये बातें कही. लंबे समय से ये मामला अटका हुआ है. भारतीय सप्लायर ने पाकिस्तान के कंपनियों को फार्मास्युटिकल सामान निर्यात किए थे. लेकिन अभी तक इन्हें पैसा नहीं मिला है.

पाकिस्तान की तीन कंपनियों- प्रेज़ फ़ार्मास्युटिकल्स, रीगल फ़ार्मास्युटिकल्स और मेट्रो फ़ार्मास्युटिकल्स पर हिंदुस्तान केमिकल एंड फ़ार्मास्युटिकल्स का 7,385 डॉलर बकाया है. इस्लामाबाद की मेज़डियन लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड पर पुणे स्थित ओरेन लाइफ साइंसेज का 1,20,250 डॉलर बकाया है. जबकि इस्लामाबाद में भी मैसर्स सियाम फार्मास्युटिकल पर ओरेन का 1,25,250 डॉलर बकाया है. सियाम पर भारतीय कंपनी इनवीर फार्माटेक प्राइवेट लिमिटेड का 1,20,660 डॉलर बकाया है.

दूतावास सुलझाएगा मामला
कंपनियों का कहना है कि बार-बार बकाया पैसों को लेकर मांग की जा रही है. लेकिन अभी तक पाकिस्तान की कंपनियों ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है. बाद में तंग आ कर इन कंपनियों ने केंद्र सरकार को दखल देने की मांग की. अब मामले को दूतावास के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

2019 से व्यापार ठप
बता दें कि दोनों देशों के बीच 2019 से व्यापार लगभग बंद है. पुलवामा की घटना के बाद से भारत सरकार ने पाकिस्तान का मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया था. साथ ही आयात होने वाली चीज़ों पर कस्टम ड्यूटी 200 फ़ीसदी तक बढ़ा दी. एक आंकड़े के मुताबिक भारत से पाकिस्तान में होने वाला निर्यात लगभग 60% की गिरावट के साथ 816.62 मिलियन अमेरिकी डॉलर का रह गया है. साथ ही वित्तीय वर्ष 2019-20 में उसका आयात 97% गिरावट के साथ 13.97 मिलियन अमेरिकी डॉलर का हो गया.

मुश्किल में पाकिस्तान
2018-19 में पाकिस्तान भारत के शीर्ष 50 व्यापारिक भागीदारों में से एक था. लेकिन पिछले दो साल से मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन का दर्जा छीनने के बाद हालात बदल गए हैं. मौजूदा प्रतिबंध पाकिस्तान को काफी प्रभावित कर रहा है. दरअसल पाकिस्तान अपने कपड़े और फार्मास्यूटिकल्स उद्योगों के लिए कच्चे माल के लिये भारत पर काफी ज्याद निर्भर है.

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