हेमा मालिनी और कैटरीना कैफ के गालों से सड़कों की तुलना बंद करें नेता

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कौन नेता कब क्या कह दे और किसकी तुलना किससे कर दे यह कोई नहीं जान सकता क्योंकि अपने प्रशंसकों से तालियां बजवाने और ज्यादातर मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए हमेशा कुछ ना कुछ ऐसा जरूर करते हैं जिसे लेकर चर्चाएं हों।
फिलहाल हम राजस्थान सरकार में नए नए राज्यमंत्री बने राजेंद्र गुढ़ा द्वारा बीते दिनों अपने चुनाव क्षेत्र पहुंचे और लोगों ने टूटी सड़कों पर चर्चा की तो पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को निर्देश दिए कि मेरे क्षेत्र मंे सड़कें हेमा मालिनी के गालों जैसी बनवाओ। लेकिन तभी बोले कि वो तो बूढ़ी हो चली है किसी और नई हीरोईन का नाम बताओ। बाद में कहा कि कैटरीना के गालों जैसी चिकनी सड़कें बनवाओं। यह कोई पहली बार नहीं है कि जिस मातृशक्ति की हम विभिन्न देवियों के रूप में पूजा करते हैं। उस जन्म देने वाली नारी शक्ति में से कुछ नाम लेेकर उनके गालों की तुलना सड़कों से किया जाता रहा है। महिला घरेलू हो या कामकाजी हीरोईन हो या व्यापारी उद्योगपति वो सम्मानित हैं। और किसी के गालों को लेकर भी सड़कों से तुलना सभ्य समाज में नहीं की जानी चाहिए चाहे वो हंसी मजाक में ही की गई हो क्योंकि पूजनीय महिलाओं को हंसी का पात्र बनाने की इजाजत ना तो हमें कानून देता है और ना ही समाज। एक खबर के अनुसार हाल ही में राजस्थान में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बनाए गए राजेंद्र गुढ़ा का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी एवं कटरीना कैफ को लेकर अमर्यादित बातें कहीं हैं। इसको लेकर सोशल मीडिया पर गुढ़ा के खिलाफ यूजर्स ने भी मोर्चा खोल दिया है।
राज्यमंत्री बनाए जाने के बाद पहली बार गुढ़ा अपने विधानसभा क्षेत्र उदयपुरवाटी पहुंचे थे। यहां लोगों ने खराब सड़कों को लेकर उनसे शिकायत की। इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनके जोशी से गुढ़ा ने मंच से ही कहा कि मेरे गांव की सड़कें कटरीना कैफ के गालों जैसी बननी चाहिए।
राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने ग्रामीणों की शिकायत पर अपने अफसर से पहले कहा कि मेरे गांव की सड़कें हेमा मालिनी के गालों जैसी बननी चाहिए। थोड़ी देर बाद गुढ़ा हंसते हुए रूके। फिर बोले  कि नहीं… हेमा मालिनी तो बुजुर्ग हो गई हैं। फिर मंच से ही सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि आजकल फिल्मों में कौन सी अभिनेत्री चर्चित है? इसपर लोगों ने कटरीना कैफ का नाम लिया। यह बात सुनकर गुढ़ा ने अफसर से कहा, तो फिर मेरे गांव की सड़कें कटरीना कैफ के गालों जैसी बननी चाहिए।
बताते चलें कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच विवाद के दौरान राजेंद्र गुढ़ा बगावत करते हुए पांच बसपा विधायकों के साथ कांग्रेस जॉइन कर ली थी। अशोक गहलोत ने इसका इनाम देते हुए दो दिन पहले गुढ़ा को प्रदेश में राज्यमंत्री बना दिया था। उनके साथ बसपा छोड़कर आए पांच अन्य विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने की चर्चा है।  स्मरण रहे कि 2005 में सबसे पहले लालू यादव ने अभिनेत्री हेमा मालिनी को लेकर विवादित बयान दिया था। लालू ने कहा था कि अब बिहार की सड़कें हेमा मालिनी के गालों जैसी चिकनी बनेंगी। 2019 में मध्य प्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने भी इसी को लेकर विवादास्पत बयान दिया था। मध्य प्रदेश की खराब सड़कों को भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के गालों जैसा बताकर कहा था कि हम इसे हेमा मालिनी के गालों जैसा बनवाएंगे।
मेरा मानना है कि सरकार को महिलाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए ऐसे शब्दों के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुखों को अपने नेताओं के बड़बोलेपन और मसखरी को रोकना चाहिए। क्यांेकि ना तो हेमा मालिनी या कैटरीना कैफ के गाल सड़क की तरह हो सकते हैं और ना ही सड़क इनके समान। चाहे कितने ही प्रयास कर लिए जाएं इसलिए यह किवदंती बंद हो क्योंकि इससे इन कलाकारों के प्रशंसकों की भावनाओं को आघात लगता है और फिर वर्तमान में हेमा मालिनी तो उच्च कोटि की नृत्यांगना होने के साथ मथुरा से सांसद हैं। और कैटरीना कैफ के प्रशंसकों की संख्या लाखो में है। इस बात का ध्यान ऐसे शब्दों का उच्चारण करने वालों को ध्यान में रखना होगा।

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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