प्रेमी ने प्रॉपर्टी के लिए करवा दी प्रेमिका की हत्या, 2.5 लाख रुपये में दी बदमाशों को सुपारी, 10 साल से लिव-इन में रह रहे थे दोनों

93
loading...

जयपुर. जयपुर के चौमूं इलाके में हुई महिला की हत्या की गुथी पुलिस ने सुलझा ली है. महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसी के ही प्रेमी ने करवाई थी. दरअसल प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या प्रोपर्टी  के चक्कर में करवाई थी. आरोपी ने महिला की हत्या के लिए एक महीने में चार बार कोशिश की थी. हत्या करने के बाद आरोपियों ने इस हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिये भी काफी प्रयास किये थे. बता दें कि पुलिस ने आरोपी प्रेमी सहित हत्या में शामिल 6 आरोपियों को पकड़ लिया है.

महिला पति की मौत के बाद काफी समय से आरोपी प्रेमी के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी. पुलिस अब पूरे मामले के तार से तार जोड़ने और उसकी तह में जाने के प्रयास में जुटी है.

एफएसएल की रिपोर्ट ने किया खुलासा
जयपुर वेस्ट पुलिस को 29 सितंबर की रात को चौमूं के मोरिजा पुलिया पर एक महिला की लाश मिली थी. उसकी शिनाख्त गुलाब देवी के रूप में हुई थी. एफएसएल की जांच और अन्य तथ्यों की पड़ताल करने पर सामने आया कि महिला की मौत की वजह दुर्घटना नहीं बल्कि महिला की हत्या की गई है.

दिल्ली में नौकरी कर रही थी महिला
पुलिस को मामले की जांच में पता चला कि महिला अपने पति की मौत के बाद दिल्ली में पति की जगह पर नौकरी कर रही थी. काम के दौरान उसकी मुलाकात बाबूलाल से हुई थी. दोनों में प्यार हो गया. जिसके बाद वो दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे. पुलिस ने बाबूलाल से पूछताछ की तो उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महिला को दिल्ली से जयपुर लाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है. वहीं उसने हत्या के पीछे का कारण जब पुलिस को बताया तो पुलिस भी हैरान रह गई.

22 लाख का फ्लैट था हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार साल 2011 में प्रेमी बाबूलाल ने 17 लाख रुपये और महिला ने 5 लाख रुपए देकर एक फ्लैट खरीदा था. लेकिन पिछले 2 महीनों से महिला अपने परिवार के एक बच्चे को गोद लेने और प्रेमी बाबूलाल को छोड़ने की बात करने लगी थी. इससे प्रेमी बाबूलाल को प्रोपर्टी जाने का भय सताने लगा था. जिसके बाद ही उसने गुलाब की हत्या की साजिश रची थी.

हत्या को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की
बाबूलाल ने प्रेमिका की हत्या के लिए बदमाशों से ढाई लाख रुपए में सौदा तय किया था. पुलिस उस तक नहीं पहुंचे इसे लेकर बाबूलाल ने पहले से कई सावधानियां भी बरती और हत्या को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की. डीसीपी प्रदीप मोहन शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने महिला के नाम से एक फर्जी लैटर लिखकर उसके बैग में रख दिया था.

लेटर में भाइयों के साथ प्रोपर्टी विवाद की बात लिखते हुए आत्महत्या की बात लिखी गई थी. हत्या के बाद शव को मोरिजा पुलिया पर फेंक गए ताकि वो हाइवे पर गुजरने वाले वाहनों से कुचल जाए और हत्या का पता ही नहीं चले.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 − 11 =