अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी

24
loading...

नई दिल्ली. नॉर्वे में खेली जा रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में भारत की अंशु मलिक ने इतिहास रचा है. वह इस टूर्नामेंट में रजत पदक जीतने में सफल रही हैं. अंशु को फाइनल में टोक्यो ओलिंपिक-2020 की कांस्य पदक विजेता अमेरिका की हेलेन लुइस मारोउलिस ने 4-1 से मात दी और इसी के साथ वह 57 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में रजत पदक जीतने में सफल रहीं. इसी के साथ वह इस चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं.

अंशु से पहले भारत की चार महिला पहलवानों ने विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता है लेकिन सभी को कांस्य मिला है. गीता फोगाट ने 2012 में, बबीता फोगाट ने 2012 में , पूजा ढांडा ने 2018 और विनेश फोगाट ने 2019 में कांसे का तमगा जीता था .अंशु विश्व चैम्पियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय हैं. उनसे पहले सुशील कुमार (2010) और बजरंग पूनिया (2018 ) यह कमाल कर चुके हैं. इनमें से सुशील ही स्वर्ण जीत सके हैं.
ऐसा रहा मैच

विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनी 19 साल की अंशु ने आक्रामक और सकारात्मक शुरुआत की. वह दूसरे पीरियड के बाद 1-0 से आगे थीं लेकिन दूसरे पीरियड में हेलेन पूरी तरह हावी रहीं. हेलेन ने अंशु का हाथ पकड़ा और फिर टेकडाउन मूव के साथ 2-1 की बढ़त बनाई. उन्होंने अंशु के दाएं हाथ को नहीं छोड़ा और दो और अंक के साथ 4-1 से आगे हो गई. गत एशियाई चैंपियन अंशु काफी दर्द में दिख रही थीं लेकिन अमेरिकी पहलवान ने अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी और भारतीय पहलवान को चित्त करके जीत दर्ज की. अंशु को मुकाबले के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी और उनकी आंखों में आंसू नजर आ रहे थे.

अंशु मलिक ने बुधवार को फाइनल में जगह बनाते ही इतिहास रच दिया था. वह इस भारवर्ग में फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई थीं.. उन्होंने सेमीफाइनल में यूक्रेन की जूनियर यूरोपीय चैम्पियन सोलोमिया विंक को हराया. उन्होंने अपनी विपक्षी को एकतरफा मुकाबले में 11-0 से मात दी. उन्नीस वर्ष की अंशु ने शुरू ही से सेमीफाइनल में दबदबा बनाए रखा और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज करके 57 किलो वर्ग के फाइनल में पहुंच गई. फाइनल में पहुंचने से पहले भारत की युवा अंशु मलिक एकतरफा मुकाबले में कजाखस्तान की निलुफर रेमोवा को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया और फिर क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की देवाचिमेग एर्खेमबायर को 5-1 से शिकस्त दी थी.

दिव्या काकरान (72 किग्रा) को सुबह के सत्र में अपने रेपेचेज मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी. उन्हें मंगोलिया की दवानासन एंख अमर ने हराया. ग्रीको रोमन पहलवानों ने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया जो हैरानी भरा नहीं है. संदीप (55 किग्रा), विकास (72 किग्रा), साजन (77 किग्रा) और हरप्रीत सिंह (82 किग्रा) प्रतियोगिता से बाहर हो गए. सिर्फ साजन एक मुकाबला जीतने में सफल रहे जबकि अन्य तीन पहलवान अपना पहला मुकाबला ही हार गए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

16 − fourteen =