चिंताजनक : कोरोना को मात देने के छह माह बाद भी फेफड़ों का संक्रमण नहीं गया

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लखनऊ. केस-एक: सरोजनीनगर के 55 वर्षीय आदर्श श्रीवास्तव कोविड होने पर पीजीआई में तीन दिन तक वेंटीलेटर सपोर्ट पर रहे। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी 10 दिन तक पल्मोनरी आईसीयू में रहे। पांच माह बाद भी फेफड़े ठीक से काम नही कर रहे हैं। फेफड़ों ने सिकुड़न बरकरार है। अभी भी उपचार चल रहा है।
केस-दो: आशियाना निवासी जयकरन वर्मा (45) अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित हुए। ऑक्सीजन स्तर 80 से नीचे होने पर परिजनों ने उन्हें केजीएमयू के आईसीयू में भर्ती कराया। 10 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट में रहे। 18 दिन बाद कोविड रिपोर्ट निगेटिव होने पर अस्पताल से छुट्टी मिली। करीब छह माह बाद भी कुछ में खाँसी औऱ सांस फूलने की समस्या बनी हुई है।

कोरोना से ठीक होने के छह माह बाद भी फेफड़ों का संक्रमण नहीं गया। कुछ मरीजों के फेफड़ों में सिकुड़न, धब्बे व सांस लेने की तकलीफ अभी भी बरकरार है।
पीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान और बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में 30 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें बुजुर्ग ही नहीं युवा भी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठीक होने में एक साल का समय लग सकता।

ठीक होने में साल भर का समय लगेगा: केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत बताते हैं कि पोस्ट कोविड मरीजों के ठीक होने के छह माह बाद भी फेफड़ों में अभी संक्रमण बना हुआ है। फेफड़े की तरह काम नही कर रहे हैं। सांस लेने की तकलीफ, धब्बे और फेफड़ों में सिकुड़न है। हर हफ्ते ओपीडी में करीब 25 मरीज आ रहे हैं। डॉ. सूर्यकांत बताते हैं कि आईसीयू में लंबे समय तक रहने वाले मरीजों में यह समस्या ज्यादा है। इसे ठीक होने में सालभर तक का समय लग सकता है।

दूसरी लहर में फेफड़े ज्यादा प्रभावित हुए पीजीआई के पल्मोनरी मेडिसिन के डॉ. जिया हाशिम बताते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों के फेफड़े ज्यादा प्रभावित हुए। आक्सीजन सपोर्ट के साथ निमोनिया और एआरडीएस (एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम) संक्रमण वाले मरीजों के फेफड़े ज्यादा खराब हुए हैं।

आईसीयू में भर्ती वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट वाले करीब 15 फीसदी मरीजों के फेफड़ों में फाइब्रोसिस थी।
कोविड रिपोर्ट निगेटिव होने के बावजूद कई मरीजों के फेफड़ों में दूसरे संक्रमण होने की वजह से इन्हें कई दिन तक पल्मोनरी आईसीयू में भर्ती रखा गया। ओपीडी में पोस्ट कोविड वाले हफ्ते में चार से पांच मरीज आ जाते हैं। यह मरीज पहले से बेहतर हैं।

यह अपनाएं: फेफड़े सेहतमन्द होने के लिए सांस मुँह में भरकर करीब 25 से 30 सेकेंड तक रोके। इससे फेफड़ों की सिकुड़न दूर होगी।
सांस से जुड़ी कसरत और योग दिनचर्या में शामिल करें
घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाएं
धूल और धुएं से दूर रहे
सर्दी व ठंडी चीजें खाने से बचें

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