OMG: ना प्रेग्नेंसी के दिखे लक्षण, ना ही निकला बेबी बंप; 20 साल की महिला ने ‘2 महीने’ में दिया बच्चे को जन्म!

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नई दिल्ली. आमतौर पर इंसानों में प्रेग्नेंसी 9 महीने यानी करीब 39 से 40 हफ्तों की होती है. यूं तो प्रेग्नेंसी का समय आगे पीछे होना स्वभाविक है मगर 37 हफ्ते से कम वक्त में होने वाले बच्चे को प्रीमेच्योर माना जाता है और उस प्रेग्नेंसी को प्रीमेच्योर प्रेग्नेंसी कहते हैं. आपने प्रीमेच्योर प्रेग्नेंसी से जुड़े कई मामले सुने होंगे मगर क्या आपने कभी सुना है कि कोई महिला डेढ़ से 2 महीने में ही बच्चा पैदा कर दे? बेशक ये हैरान करने वाली बात है. इन दिनों एक महिला से जुड़ी खबर सभी को चौंका रही है.

इंग्लैंड के नॉरफोक  की रहने वाली 20 साल की महिला एरिन हॉग को 10 अगस्त को अचानक पेट में दर्द उठा तो वो भागकर क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल पहुंचीं जहां उन्हें बताया गया कि वो प्रेग्नेंट हैं. एरिन ये सुनकर दंग रह गईं मगर डॉक्टरों ने कहा कि चिंता की कोई बात कि उनकी प्रेग्नेंसी को 6 से 8 हफ्ते पूरे हो चुके हैं. मगर अस्पताल से आने के अगले ही दिन एरिन को फिर से भयंकर दर्द हुआ तब उन्होंने अस्पताल को फोन मिलाया और उनके लिए एंबुलेंस भीजी गई. एरिन ने बताया कि कुछ ही देर में चिकित्सा कर्मी उसके घर पहुंच गए मगर तभी उसका दर्द बढ़ गया और उसकी घर में ही डिलिवरी करनी पड़ी. एरिन और उनके पति दंग हैं कि 6 से 8 हफ्ते में ही महिला ने कैसे अपने बच्चे को जन्म दे दिया. महिला की बेटी 6 पाउंड से जरा ज्यादा की ही थी और बिल्कुल स्वस्थ थी. डिलिवरी के बाद महिला को तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया जहां उनका ब्लड ट्रांस्फ्यूजन हुआ क्योंकि लेबर के दौरान उनका काफी खून बह गया था.

एरिन ने 15 महीने पहले अपने बेटे को उसी अस्पताल में जन्म दिया था. बेटी के जन्म दे बाद एरिन स्कॉटलैंड में अपने परिवार से मिलने गईं. एरिन का कहना है कि उन्हें जरा भी आइडिया नहीं था कि वो प्रेग्नेंट हैं. एरिन ने बताया कि उनके पीरियड रेगुलर हो रहे थे, उनको प्रेग्नेंसी का कोई सिंप्टम नहीं था, ना ही प्रेग्नेंट महिलाओं की तरह उनका पेट बाहर निकला था. उन्होंने ये भी बताया कि कुछ वक्त पहले उन्होंने कोविड भी हुआ और बाद में उन्होंने वैक्सीन की पहली डोज भी लगवा ली मगर उन्हें नहीं पता था कि वो प्रेग्नेंट हैं. एरिन ने बताया कि 9 अगस्त को जब वो दर्द में डॉक्टर के पास गई थीं तब उन्होंने टेस्ट करने की डिमांड की थी मगर डॉक्टर ने ये कह कर टाल दिया था कि उसकी जरूरत नहीं है. अब महिला ने निर्णय लिया है कि वो अस्पताल पर केस करेगी क्योंकि उसे गलत जानकारी दी गई कि वो 2 महीने की प्रेग्नेंट है.

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