चुनाव प्रचार में भाजपा सबसे आगे, सरकार बनाने का दम भरने वाला विपक्षी कहां है!

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कुछ विधानसभाओं के 2022 में होने वाले चुनाव में हर कोई व्यक्तिगत और प्रचार के माध्यम से सब मतदाता तक पहुंचने के लिए प्रयासरत है और इस क्रम में चुनाव लड़ने की इच्छुक देश की लगभग सभी पार्टियों के द्वारा अपने सोशल मीडिया प्रकोष्ठ सक्रिय कर उनमें पदाधिकारी मनोनीत कर दिये गये है। मगर अभी तक जितना दिखाई दे रहा है उसके अनुसार भाजपा को छोड़ और पार्टियों के मीडिया प्रकोष्ठ इतना सक्रिय नजर नहीं आ रहे जितना होने चाहिए। हां चुनाव जीतने और सरकार बनाने के दावे सब पूरी तैयारी से कर रहे है और इस मामले में कोई भी किसी से पीछे नजर नहीं आ रहा है। लेकिन अगर सही मायनों में देखे तो अभी तक सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और इसके प्रकोष्ठों के नेता व कार्यकर्ता विभिन्न माध्यमों से आम आदमी तक पहुंचने की जुगाड़ में सक्रिय हो गये है।
बीते दिवस 13 सितंबर को लखनऊ में भाजपा मीडिया प्रकोष्ठों के संयोजको व सहसंयोजकों तथा अन्य पदाधिकारियों की एक बैठक हुई जिसका उद्घाटन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह द्वारा इन्हें संबोधित किया गया। तो मीडिया प्रभारी राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित प्रात्रा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी और सहमीडिया प्रभारी संजय मयूख तथा राज्य सभा सांसद जफर इस्लाम द्वारा जिले से आये मीडिया प्रभारियों को संबोधित किया गया। इस मौके पर मीडिया प्रभारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा बीजेपी के यूपी अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह द्वारा स्मृति चिन्ह भेट कर उन्हें सम्मानित भी किया गया। सीएम ने उपस्थितों को संबोधित करते हुए कहा कि वो सरकार के काम जनता तक पहुंचाऐं और बार बार उपलब्धियां बताकर भाजपा की जीत पक्की करें। इस मौके पर मीडिया प्रभारियों को समारोह में मौजूद नेताओं ने जमकर प्रोत्साहित किया।
इसके अतिरिक्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा उपलब्धियों और प्रचार के लिए तैयार आॅडियो क्लीप मोबाइल पर सोशल मीडिया माध्यमों से प्रसारित कर आधुनिक संचार माध्यमों से जुड़े सभी मतदाताओं को आकृर्षित किया जा रहा है।
चुनाव परिणाम क्या होंगे कौन जीतेगा कौन हारेगा सरकार कौन बनायेगा किसकी बनेगी मिलीजुली होगी ये तो मतदान व मतगणना के बाद ही तय हो पाएगा लेकिन फिलहाल चुनाव प्रचार के मामले में सबसे भारी भाजपा नजर आ रही है।
सवाल यह उठता है कि रालोद सहित कई दलों से मिलकर चुनाव लड़ने के लिए सक्रिय समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव बसपा सुप्रिमों मायावती जी रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चैधरी के अलावा आप पार्टी व अन्य जो सबसे ज्यादा ताकत के हिसाब यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे नजर आते है उनके व उनके मीडिया प्रकोष्ठों से जुड़े पदाधिकारी आखिर चुनाव को लेकर कब जागेगे और जनता तक पहुंचेगें।
यह किसी से छिपा नहीं है कि भविष्य में होने वाला विधानसभा चुनाव हलुवा नहीं होगा जो खाकर पचा लिया जाए लोहे के चने के समान होगा क्योंकि विपक्ष भाजपा को टक्कर देने में कोई भी कसर रणनीति बनाने में नहीं छोड़ेगा। लेकिन जिस प्रकार से विपक्षी चुनाव प्रचार में भाजपा से पिछड़ रहे है अगर ऐसा ही चला तो चुनाव में जीत और सरकार बनाने का इनका इरादा मुगेरी लाल का हसीन सपना भी बनकर रह सकता है। सत्ताधारी पार्टी की विचारधारा से इत्फाक न रखने वाले जागरूक नागरिकों का मानना है कि औरों की बात तो छोड़ दे कांग्रेस सपा बसपा रालोद और आप को तो अपनी चुनाव प्रचार मुहिम तेज करनी ही चाहिए।

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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