टीके के बाद दस गुना बढ़े एंजाइटी के मामले, महिलाओं पर असर ज्यादा

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नई दिल्ली.  कुछ लोगों में टीकाकरण के बाद एंजाइटी देखने को मिल रही है जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा है। टीके के प्रतिकूल असर पर सरकार की ओर से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वैक्सीन लेने के बाद एंजाइटी के मामले 10 गुना तक बढ़े हैं, जिनमें सबसे अधिक महिलाएं हैं।

12 जुलाई को जारी पहली रिपोर्ट में एंजाइटी के दो मामले आए थे। दूसरी रिपोर्ट में इनकी संख्या बढ़कर 20 दर्ज की गई है। जिनमें 15 महिलाएं शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, वैक्सीन लेने के बावजूद किसी व्यक्ति में टीके के प्रति भ्रांति या खौफ खत्म नहीं होता है। ऐसे लोगों को लगता है कि उन्हें जो भी परेशानी हो रही है, वह वैक्सीन से संबंधित है।

वैक्सीन के प्रतिकूल असर पर निगरानी के लिए गठित समिति की ताजी रिपोर्ट के मुताबिक, टीकाकरण की वजह से अभी तक किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। टीकाकरण के बाद जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, ऐसे 78 मामलों की समीक्षा करने पर पता चला कि 48 मामलों का संबंध टीकाकरण से था। इन 48 में से 28 मरीजों की तबियत बिगड़ने के पीछे वैक्सीन उत्पाद से जुड़ी प्रतिक्रिया पाई गई है। जबकि 20 मरीज ऐसे हैं जिन्हें वैक्सीन लेने के बाद एंजाइटी हुआ और फिर उन्हें भर्ती करना पड़ गया। 22 मरीजों में टीकाकरण सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं मिला है।

नई दिल्ली स्थित इहबास अस्पताल के डॉ. ओमप्रकाश का कहना है, महिलाओं में स्थिति ज्यादा जटिल होती है, क्योंकि उन्हें अपने सवालों पर पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती। वैक्सीन पर लोग भ्रांति नहीं, भरोसा रखें तो बाद में एंजाइटी होने की आशंका लगभग खत्म हो जाती है। अगर आपके (खासतौर पर महिलाएं) मन में कोई डर है और आप किसी दबाव के चलते वैक्सीन लेते हैं तो एंजाइटी की आशंका बढ़ जाती है।

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