कमाल: 9वीं के छात्र ने कबाड़ से खरीदी रॉयल इनफील्ड बना डाली ई-बाइक, एक बार चार्जिंग में चलती है 100 किमी.

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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले क्लास 9 वीं के छात्र ने छोटी सी उम्र में तकनीकी के प्रति गहरे जुड़ाव से अनोखा काम कर दिखाया है. जहां महज 15 साल की उम्र में उसने यह कमाल कर सभी को हैरान कर दिया है. दिलचस्प बात यह है कि 9वीं क्लास में पढने वाले 15 साल के छात्र राजन शर्मा ने कबाड़ से 10 हजार रुपए में खरीदी रॉयल इनफील्ड को में 30-35 हजार रुपए और लगाकर 3 दिनों के अंदर ई-बाइक में बदल दिया. हालांकि, इससे पहले साल 2020 में साइकिल में बैटरी लगाने की उसकी कोशिश सफल नहीं हो सकी थी.

दरअसल, ये मामला राजधानी दिल्ली के सुभाष नगर स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय का है. जहां के छात्र राजन को कलपुर्जों में काफी रुचि है. वहीं, राजन ने बताया कि कोरोना के पहले लॉकडाउन में ई-साइकिल से प्रयोग शुरू किया, जोकि सफल नहीं रहा था. ऐसे में कुछ दिन के लिए राजन ने ई-बाइक बनाने की रुचि को मन में दबा दिया. जिसके बाद उन्हें स्कूल से ई-बाइक बनाने का प्रोजेक्ट मिला था.

एक बार चार्जिंग में चलती है 100 किमी.
गौरतलब हैं कि अब यह ई-बाइक एक बार चार्ज करने पर 100 किमी. तक जा सकती है. राजन ने बताया कि लॉकडाउन से पहले मैंने साइकिल से प्रयोग करना शुरू किया था. लेकिन साइकिल पर मोटर बैटरी लगाकर रेस तो दे दी लेकिन ब्रेक नहीं लगा पाया जिसके कारण साइकिल गिरने से बेहोश भी हो गया था. फिर इसके एक महीने बाद जब मेरी चोटें ठीक हो गईं तो मैंने अपने पिता दशरथ शर्मा से कबाड़ से रॉयल इनफील्ड और बैटरी दिलाने को कहा था.

12 वाल्ट की 4 बैटरी लगाई
बता दें कि छात्र राजन के पिता दशरथ शर्मा ने बताया कि बेटे ने उन्हें कहा कि प्रोजेक्ट मिला है. ऐसे में बड़ी मशक्कत के बाद कबाड़ी से स्क्रैप में कटने जा रही रॉयल इनफील्ड को खरीद लिया. मायापुरी में एक निजी कंपनी में वेल्डिंग का काम करने वाले दशरथ ने ही बच्चे के आइडिया के अनुसार कबाड़ बाइक में वेल्डिंग कर बैटरी बॉक्स बनाया. जिसमें 12 -12 वाल्ट की 4 बैटरी लगाई गईं. राजन ने बताया कि अब वह ई-कार बनाने के आइडिया पर काम कर रहे हैं. इस दौरान वह गूगल और यूट्यूब के माध्यम से ई-बाइक के बारे में जानकारी लेते रहे. वहीं, आसपास में बाइक ठीक करने वालों और वेल्डिंग करने वालों के पास बैठ कर चीजें देखते समझते रहे.

औसतन 40 किमी प्रतिघंटा की है रफ्तार
वहीं, छात्र राजन के पिता दशरथ ने कहा कि बाइक मिलने के बाद बैटरी मिलने में भी काफी समस्या आई. किसी तरह उसने 13,500 रुपए में बैटरी खरीदी. इस पर एक साल की वारंटी मिली। इसमें 24 वॉल्ट का चार्जर लगाया गया है, जिसे घर पर ही चार्ज किया जा सकता है. ई-बाइक की स्पीड 40 किलोमीटर प्रतिघंटा है, हाइवे पर इसकी स्पीड बढ़ जाती है. बाइक चलाने पर बैटरी गिर ना जाए, इसके लिए उसके बाहर लकड़ी का बॉक्स लगाया गया है.

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