त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव: दारू पिलाने मुर्गा मिठाई और दावत खिलाने वाले क्या कराएंगे विकास

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फिल्म हिरोइन और एनआरआई भी लड़ रहे हैं चुनाव
उत्तर प्रदेश में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायती चुनावों को लेकर सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों के साथ साथ अपने दम पर चुनाव लड़ने के इच्छुक निर्दलीयों की धमक भी इस मामले में कम नजर नहीं आ रही है। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद में टिकट प्राप्त करने और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों द्वारा हर हथकंडा अपनाया जा रहा है और जिनकी इच्छापूर्ति नहीं हो रही है वो पाला बदलकर दूसरे दल में जाने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। इसी प्रकार सत्ताधारी दल को घेरने और चुनावों में कमजोर करने या जनता को उसके आकर्षण से मुक्त करने के लिए सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद सभी कानून व्यवस्था बढ़ते अपराध और महंगाई को लेकर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यूपी में औसतन छह महिलाओं से रेप के मामले रोजाना प्रकाश में आ रहे हैं तो पूर्व सीएम मायावती भी सरकार पर राजनीतिक हमला बोलने में पीछे नहीं हैं।
चुनाव लड़ने से रोकने हेतु अपहरण
तो दूसरी तरफ उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने का कोई मौका दबंग प्रवृति के उम्मीदवार और उनके समर्थक चूक नहीं रहे हैं। इसके उदाहरण के रूप में बुढ़ाना के सरनावली मंदिर के महंत बाबा हरीगिरि का बीते शुक्रवार को पांच बदमाशों द्वारा किए गए अपहरण को देखा जा सकता है। नामजद आरोप के बावजूद अभी तक शायद अपहरणकर्ताओं तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए हंैं। ऐसा क्यों यह तो वहीं जान सकते हैं लेकिन महंत के गुरूभाई शिवगिरि का कहना है कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने के लिए हुआ अपहरण।
एनआरआई और हिरोइन भी चुनाव मैदान में
दूसरी तरफ चुनाव लड़कर सेवा करने का दावा करने वालों में राजनीतिक दल के कार्यकर्ता और नेता ही नहीं विदेशी और फिल्म हिरोईन भी पीछे नहीं है। थाना जानी क्षेत्र के गांव कुसेड़ी निवासी गौरव चैधरी जो 15 साल से जर्मनी के शहर फे्रकफर्ट में रहकर एक्सपोर्ट इंपोर्ट और निर्माण का कार्य कर रहे थे यहां आकर वो पंचायत चुनाव लड़कर जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी व समाजसेवा करने का दंभ भर रहे हैं। तो दूसरी तरफ छह साल पहले फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट रहीं फिल्म अभिनेत्री दीक्षा सिंह जौनपुर से चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरी हुई है। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जौनपुर के चितोरी गांव की रहने वाली दीक्षा जिले के बक्सा वार्ड से चुनाव लड़ने जा रही हैं।
जान गंवाने का भी डर नहीं
पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुफत की शराब बंटने का जो सिलसिला शुरू हुआ उसने प्रतापगढ़ और बदायूं प्रयागराज, अयोध्या बुलंदशहर आदि में कई मतदाताओं की जान ले ली लेकिन जहरीली शराब पीने से हुए उक्त घटनाक्रम को ध्यान में रखकर उससे सबक लेने के लिए भी अभी उम्मीदवार और कुछ मतदाता तैयार नहीं है। ना ही उन्हें कच्चे लालच में अपनी जान जाने का कोई डर है।
मुर्गा, मिठाई दावत
बताते चलें कि चुनाव के दौरान मुर्गा, और अन्य प्रकार के खाद्य पदार्थों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में रसगुल्ले गुलाब जामुन पेड़े लडडू और अन्य मिठाईयां खूब बांटी जा रही बताई जा रही हैं। और ऐसी सामग्री पकड़ने की खबर भी खूब मिल रही है। बागपत में कोई दूध जलेबी बांट रहा है तो कोई समोसे खिला रहा है।
मावा मंगाने के लिए मंगाया बुल्डोजर
एक प्रत्याशी ने तो मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो से पता चलता है कि मावे के लडडू व पेड़े के लिए बूरा व मावा मंगवाया और उसे मिलाने के लिए बुल्डोजर और फावड़े की मदद ली गई। यह तो वो खबरें हैं जो सामने आ रही हैं।
3 लाख 10 हजार नामांकन
स्मरण रहे कि उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में प्रथम चरण के त्रिस्तरीय चुनाव के लिए नामांकन का कार्य पूरा हो चुका है। 2,21,464 पदों के लिए 3 लाख 10 हजार नामांकन हुए बताए जा रहे हैं।
जेब गरम करने
निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार सरकार शासन पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन मतदाताओं को लुभाने के लिए शराब वितरण को रोकने के लिए चल रही सख्ती के चलते अब उम्मीदवार मौखिक चर्चाओं के अनुसार परदे के पीछे से जेब गरम करने और विभिन्न प्रकार की मिठाईयां और दावते सीधे सीधे एक साथ ना खिलाकर विभिन्न तरीकों से मतदाताओ को भोग लगवाने की योजनाएं भी तैयार कर रहे बताए जाते हैं।

 

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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