परमबीर सिंह के पत्र और पुलिस ट्रांसफर विवाद के बीच सोनिया गांधी से मिलीं NCP सांसद सुप्रिया सुले

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मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंग (Parambeer Singh) लेटर बम मामले के बीच विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार पर पुलिस दल के तबादलों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. जिसके बाद महा विकास आघाडी के नेता दिल्ली और मुंबई दोनों ही जगह डैमेज कंट्रोल करने में जुट गए हैं. इस मुद्दे पर गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले (NCP MP Supriya Sule) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से दिल्ली में मुलाकात की. इसकी जानकारी सुप्रिया सुले ने ट्वीट करके दी है.

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “आपसे चर्चा कर हमेशा ही अच्छा लगता है. आपके मार्गदर्शन के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया.” इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र के जो हालात हैं उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस दौरान परमबीर सिंह लेटर बम और ट्रांसफर को लेकर हो रही सियासत पर ही चर्चा हुई होगी.

पुलिस अधिकारियों को पहचानने में हुई गलती: ठाकरे
इससे पहले बुधवार रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के सरकारी निवास स्थान वर्षा बंगले पर राज्य सरकार कैबिनेट की मीटिंग हुई, जिसमें कांग्रेस, NCP और शिवसेना के सभी मंत्री शामिल थे. इस मीटिंग में उप मुख्यमंत्री अजित पवार, अनिल देशमुख, दिलीप वलसे-पाटील, छगन भुजबल, जितेंद्र आव्हाड, बालासाहेब थोरात, अशोक चव्हाण, नाना पटोले, दादा भुसे, एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई और अनिल परब शामिल थे.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मीटिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमसे पुलिस अधिकारियों को पहचानने में गलती हो गई है. उन पर कंट्रोल होना चाहिए था. लेकिन BJP द्वारा हो रहे हमलों पर अब हम सबको एक होकर लड़ने की जरूरत है. जिसके बाद परमवीर सिंह लेटर पर मामले में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने का फैसला लिया गया. सरकार के इस फैसले का गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने स्वागत किया है. उन्होंने ट्वीट कर जल्दी दूध का दूध पानी का पानी होने का दावा किया है.

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