देवभूमि में मोटर कैरावैन से सैर कर सकेंगे सैलानी

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देहरादून 22 जनवरी। नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले दिनों में सैलानी ‘मोटर कैरावैन’ (चलता-फिरता घर जैसा वाहन) से भी यहां के पर्यटक स्थलों की सैर कर सकेंगे। पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) इस थीम पर काम में जुटा है। इसके तहत निगम की दो बसें ‘मोटर होम’ में तब्दील की जा रही हैं। प्रत्येक मोटर होम में तीन से चार व्यक्तियों के रहने की व्यवस्था होगी। बाद में इन्हें मोटर कैरावैन के तौर पर संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गणतंत्र दिवस पर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में मोटर होम की सौगात दे सकते हैं।

विदेशों में मोटर कैरावैन का कांसेप्ट खूब प्रचलित है। सैलानी ऐसे वाहनों से सैर को जाते हैं और प्राकृतिक नजारों का दीदार करने के बाद इन्हीं में रहते भी हैं। अब उत्तराखंड में भी इसी तरह की पहल होने जा रही है। जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक डा.आशीष चौहान के दिशा-निर्देशन में निगम नेे इस दिशा में कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। डा.चौहान के अनुसार निगम की दो बसों का रीजन परमिट होने के बावजूद ज्यादा उपयोग नहीं हो पा रहा था। इसे देखते हुए इन्हें मोटर होम में तब्दील करने का निर्णय लिया गया, ताकि आने वाले दिनों में इन्हें मोटर कैरावैन के तौर पर गढ़वाल रीजन में संचालित किया जा सके। यह सैलानियों के लिए नया अनुभव भी होगा।डा.चौहान ने बताया कि बसों को मोटर होम में तब्दील करने का कार्य अंतिम चरण में है। एक मोटर होम को तैयार करने पर करीब साढ़े आठ लाख रुपये की लागत आ रही है। प्रत्येक मोटर होम में एक डबल बेड, एक सिंगल बेड, दो कुर्सियां मय टेबल, किचन, टीवी, छोटा फ्रिज, ओवन, बाथरूम जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। एक मोटर होम में एक परिवार के तीन से चार व्यक्ति आसानी से रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रयोग के सफल रहने पर इसे भविष्य में विस्तार दिया जाएगा।

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जीएमवीएन के एमडी के अनुसार मोटर होम के लिए प्रतिदिन के हिसाब से दरों का शीघ्र निर्धारण किया जाएगा। साथ ही मोटर होम की बुकिंग आनलाइन ली जाएगी और इसमें पहले आओ-पहले पाओ का सिद्धांत अपनाया जाएगा।
जीएमवीएन के प्रयास रंग लाए तो सैलानी जल्द ही देहरादून से मसूरी के बीच खुले वाहन में सैर कर सकेंगे। इसे नाम दिया जाएगा ‘सिटी राइड’। इसके लिए प्रयोग के तौर पर निगम के पुराने टैंपो ट्रैवलर को तैयार किया जा रहा है। इसका काम भी अंतिम चरण में है। इसके अलावा एक पुराने टैंपो ट्रैवलर को किचन होम के तौर पर तैयार किया जा रहा है, जिसे धनोल्टी में रखा जाएगा।

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