गांधी आश्रमों में घोटालों की चर्चा: सभी जिलाधिकारियों से करायी जाये जांच

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आगरा और मेरठ में प्रशासक बैठाकर चल रहे प्रकरणों में तुरंत दोषियों को भेजा जाये जेल

आजादी के बाद राष्ट्र पिता महात्मा गांधी की प्रेरणा से खादी और स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए जितनी भी केन्द्र और प्रदेशों में सरकारें रही सबके द्वारा किसी ना किसी रूप में कुछ ना कुछ ऐसे कार्य जरूर किये गये जिससे खादी और उससे बने वस्त्रों तथा इसकों लेकर जो भावनाएं थी उन्हे बढ़ावा मिले और इसी क्रम में शायद छोटे बड़े शहरों में बड़े बड़े गांधी आश्रम की स्थापना हुई होगी वर्तमान में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से स्वदेशी को बढ़ावा देने के साथ साथ हमारे नौजवान और बुजूर्ग तथा महिलाएं सभी खादी को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। तो पूर्व में खूले खादी आश्रमों को लोगो ने दिल खोलकर जहां तक चर्चा सुनी जाती है जमीन जायदाद और अन्य माध्यमों से खूब दान दिया और इनकी उन्नति व खुशहाली के लिए काम किया गया।
लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिलों और शहरो से गांधी आश्रमों में गड़बड़ और घोटाले होने की जो खबरे मौखिक रूप से सुनने को मिल रही थी मगर कोई पक्के सबूत प्राप्त नही हो पा रहे थे इसलिए इस आम आदमी की भावनाओं से जुड़े खादी आश्रमों के बारे में कुछ भी कहना या लिखना उचित नही लग रहा था मगर अब यूपी के ऐतिहासिक शहर मेरठ और आगरा के गांधी आश्रमों के जो कच्चे चिट्ठे अभी तक खुलकर सामने आ रहे है वो आश्चर्य में डालने वाले है।
बताते चले की आगरा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों पर चलने वाले गांधी आश्रम के कर्मचारियों ने एकजुट होकर बुधवार को एसपी सिटी कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने पूर्व सचिव पर करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप तो लगाया। साथ ही उन्होंने पुलिस से पूर्व सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर कहा कि पूर्व सचिव ने पुलिस की साठगांठ से गांधी आश्रम के कर्मचारियों के बच्चों के खिलाफ भी थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज करा दिया था।
गांधी आश्रम के वर्तमान सचिव सुरेन्द्र प्रसाद गुप्ता का आरोप है कि शंभूनाथ चैबे कमला नगर महाराणा प्रताप काॅलोनी निवासी को गत 12 वर्ष पूर्व गांधी आश्रम के पदधिकारियों ने आगरा सहित तीन जिलों का मंत्री/सचिव पद पर तैनात किया था। पूर्व सचिव शंभूनाथ चैबे ने गांधी आश्रम की संपति से छेड़छाड़ कर उसको बेचना शुरू कर दिया था जिसकी जानकारी गांधी आश्रम के पदधिकारियों को नहीं थी। गत 12 वर्षों से अपनी मनमानी करने में लगे पूर्व सचिव ने अपने रिश्तेदारों के बल पर गांधी आश्रम में आने वाली सामग्री को चोरी छुपे बेचना और उससे मिलने वाली लाखों रुपए की रकम का गबन करना शुरू कर दिया था। उनका कहना था की पूर्व सचिव शंभूनाथ चैबे को गांधी आश्रम के पदधिकारियों ने संस्था की संपति की देखरेख के लिए सचिव व मंत्री बनाया था।
वर्तमान सचिव सुरेन्द्र प्रसाद गुप्ता का यह भी आरोप है कि पूर्व सचिव ने धोखाधड़ी व सडयंत्र के तहत गांधी आश्रम की करोड़ों
रुपए की रकम हड़प गांधी आश्रम के पुराने कर्मचारियों को धकमी देना शुरू कर दिया है।
उनका कहना है कि पूर्व सचिव शंभूनाथ चैबे ने गत माह थाना हरीपर्वत में पुलिस की साठगांठ से गांधी आश्रम के कर्मचारियों के पुत्रों रोहित सिंह, युवराज सिंह व धर्मेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। जानकारी अनुसार दबंग शंभूनाथ चैबे ने इन पढ़ने लिखने वाले
बच्चों को डराने धमकाने के लिए इनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया और भविष्य से खिलवाड़ करने की कोशिश की है। इसी को लेकर गत बुधवार की सुबह गांधी आश्रम के महिला व पुरुष कर्मचारियों ने एसपी सिटी कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और पूर्व सचिव शंभूनाथ चैबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान गांधी आश्रम के कई कर्मचारी सहित अधिकारीगण भी मौजूद रहे। इस मामले में एसपी सिटी रोहन प्रमोद के अनुसार कि मामला संज्ञान में आया है, अगर गांधी आश्रम के कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो उसकी जांच कराकर समस्या का निस्तारण किया जाएगा और जो भी दोषी पाया जाता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्मरण रहे की पूर्व में मेरठ गढ़ रोड पर स्थित गांधी आश्रम की दान में मिली बेस कीमती भूमि सचिव द्वारा बेचे जाने की शिकायत आरटीआई वरिष्ठ कार्यकर्ता लोकेश खुराना द्वारा कमिश्नर और डीएम से की गयी जिसका संज्ञान लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाईटी दिलीप कुमार गुप्ता ने इसकी ब्रिकी पर रोक लगायी अब मामला सोसाईटी एक्ट की धारा 1860 की उपधारा 26 के तहत उनके यहां विचाराधीन है।
लेकिन आगरा और मेरठ के गांधी आश्रमों में दान में मिली जमीनों आदि को गलत तरिके से बेचे जाने और आगरा में पूर्व सचिव द्वारा करोड़ों रूपये के घोटाले को लेकर कार्यवाही की मांग की जा रही है। दोनेा जगह क्या होगा यह तो अलग बात है मगर गांधी आश्रमों से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम और भावनाएं जुड़ी होने तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वदेशी को बढ़ावा दिये जाने और उनकी प्रेरणा से गांधी की बढ़ रही लोकप्रियता के बावजूद गांधी आश्रमों को कमायी होने की बजाय घाटा होना अपने आप में सोचनीय विषय है।
उप्र के मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी को सभी जिला अधिकारियों से गांधी आश्रमो ंकी आर्थिक स्थिति तथा उनकी छवि और यहां कोई गड़बड़ घोटाला तो नही हो रहा है एवं यह प्रोफिट में चल रहे है या लोस मे इसकी जांच करायी जाये और मेरठ आगरा सहित जिन तीन जिलों का कार्य गांधी आश्रम के पूर्व सचिव द्वारा देखा जा रहा था उन पर प्रशासक बैठकार सचिव आदि से सभी अधिकार छिने जाये और फिर कार्यवाही हो।
जिन मामलों में गांधी आश्रम से सबंध जांच आदि चल रही है वहां के जिलाधिकारियों के माध्यम से उन मामलों का निस्तारण कराकर दोषियों को जेल भेजा जाये।

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– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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