दुनिया की सैर करनी है तो अब वैक्सीन पासपोर्ट के साथ करिए तैयारी

10
loading...

मैड्रिड 23 जनवरी। अब अगर आप दुनिया के किसी देश में यात्रा पर जा रहे हैं तो हो सकता है कि आपको वैक्सीन पासपोर्ट लेकर चलना पड़े. दरअसल, कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है और अब टूरिज्म सेक्टर को मजबूती देने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म संस्था ने दुनिया के स्वास्थ्य संगठनों से वैक्सीन पासपोर्ट देने की मांग उठाई है ताकि कोरोना काल में भी टूरिज्म सुरक्षित रह सके.

इंटरनेशनल टूरिज्म के लिए वैक्सीन पासपोर्ट!
अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म शुरू करने के लिए अब वैक्सीन पासपोर्ट को जरूरी ट्रैवल डक्यूमेंट बनाने की तैयारी चल रही है. ग्लोबल टूरिज्म क्राइसिस कमिटी की स्पेन के शहर मैड्रिड में हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म को सुरक्षित तरीके से शुरू करने के तौर-तरीके पर चर्चा की गई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय हेल्थ एंड ट्रैवल संस्था से आग्रह किया गया है कि वह एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था बनाए जो कोरोना टेस्ट को प्रोटोकाल के अनुसार हो.

इसे भी पढ़िए :  पुरानी हवेली की खुदाई में निकला चांदी के सिक्कों से भरा कलश; पौने 2 किलो के 140 सिक्के मिले, मची लूट

ब्रिटेन ने सख्त कर रखे हैं नियम
कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस बैठक को विश्व टूरिज्म संगठन ने बुलाया था. नए कोरोना वायरस के कारण ब्रिटेन को अपने यहां लॉकडाउन लागू करना पड़ा है दुनिया के कई देश ब्रिटेन से हवाई आवाजाही रोक चुके हैं. ब्रिटेन में विदेश से आने वाले लोगों को क्वारंटीन रहना पड़ रहा है साथ ही वहां दक्षिणी अमेरिका और पुर्तगाल से आवागमन पर पूरी तरह रोक है.

इसे भी पढ़िए :  अनियमितता के आरोप में गृह विभाग का संयुक्त सचिव निलंबित

‘टूरिज्म के लिए अब और इंतजार नहीं’
UNWTO के महासचिव जुरब पोलोलिक्सवेली ने कहा, ‘कोरोना वैक्सीन का आना एक अच्छा कदम है. लेकिन टूरिज्म शुरू करना जरूरी है और अब इसके लिए इंतजार नहीं किया जा सकता है. वैक्सीन के साथ सर्टिफिकेट और लोगों को सुरक्षित तरीके के दुनिया के एक देश से दूसरे देश में जाने की गारंटी भी होनी चाहिए.’

वैक्सीन पासपोर्ट इसलिए है जरूरी
लंदन में ट्रैवल मेडिसिन के स्पेशलिस्ट डॉ. रिचर्ड दाऊद ने कहा कि ट्रैवल के दौरान कोरोना वैक्सीनेशन का प्रूफ अब जरूरी हो गया है. यह कोई हमारी अपनी पसंद नहीं होगी बल्कि (वैक्सीन पासपोर्ट) हर देश को लोगों को सुरक्षित रखने का एक तरीका होगा. उन्होंने कहा कि मौजदा अंतराष्ट्रीय हेल्थ नियम, जैसे कुछ देशों के लिए येलो फीवर सर्टिफिकेट जरूरी जैसे नियम हैं. यानि जमीनी स्तर पर काम किया जा चुका है पर असल मुद्दा ये है कि कोरोना से बचने के लिए सुरक्षित व्यवस्था बनाना कब लागू होगा. इस वक्त ब्रिटेन के लोगों को वैक्सीन लगने के बाद एक पेपर दिया जा रहा है लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हमें वैक्सीन दिए जाने का एक स्थायी प्रमाणपत्र देने की जरूरत है.’

इसे भी पढ़िए :  कुंभ क्षेत्र में आज दोपहर से भारी वाहनों की नो एंट्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five + 15 =