गरीबों को लखनऊ के कैंसर संस्थान में मुफ्त इलाज जल्द, अलग होगा फंड

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लखनऊ,15 नबंवर। कैंसर संस्थान में गरीबों को मुफ्त इलाज जल्द मिलेगा। यहां आयुष्मान-असाध्य रोगियों के लिए फंड की व्यवस्था अलग होगी। शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस पर सहमति मिलने वाली है। चकगजंरिया स्थित कैंसर संस्थान का 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। वहीं, 23 अक्टूबर को चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने अस्पताल में सेवाओं के विस्तार का निर्देश दिया। संस्थान को आयुष्मान योजना के पैनल में जोड़ लिया गया है। मगर, आयुष्मान योजना के इलाज के पैकेज व संस्थान की दरों में अंतर है। साथ ही आयुष्मान से इलाज का पैसा मिलने में करीब माहभर लगता है। ऐसे में संस्थान प्रशासन पीजीआइ की तर्ज पर खुद का अलग फंड बनाएगा। इससे आयुष्मान रोगियों का बिना बाधा के इलाज चलता रहेगा। मरीजों को भुगतान सरकार द्वारा योजना के जरिए संस्थान के खाते में आता रहेगा। वहीं, असाध्य रोग योजना के लिए भी पत्र शासन को भेज दिया गया है। इसमें बीपीएल कार्ड धारकों व कम आय प्रमाण पत्र धारकों का मुफ्त इलाज होगा। इस योजना का फंड भी संस्थान को मिलने वाला है। सीएमएस डॉ. आर हर्ष वर्धन के मुताबिक माह के अंत तक आयुष्मान व असाध्य रोग योजना से मरीजों को मुफ्त इलाज मिलने लगेगा।

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अगले वर्ष तक 200 बेड

सीएमएस डॉ. आर हर्ष वर्धन के मुताबिक, अब मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में बेडों की संख्या के साथ-साथ डायग्नोस्टिक समेत सभी हॉस्पिटल सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। नए साल में मरीजों को 200 बेड पर इलाज मुहैया कराने का प्लान है। जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन को सौंपा जाएगा। इसके अनुसार संसाधन व उपकरण भी जुटाए जाएंगे। वर्तमान में संस्थान में 54 बेड पर इलाज मुहैया कराया जा रहा है।

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सौ करोड़ रुपये के लगेंगे उपकरण

चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने 23 अक्टूबर को संसाधानों के लिए भरपूर धन मुहैया कराने का भी दावा किया था। उन्होंने कहा कि संस्थान के लिए 287 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से 222 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। भविष्य में 100 करोड़ रुपये के कैंसर उपकरण संस्थान में और लगाए जाएंगे।

20 विभाग हैं संचालित

संस्थान में 20 विभाग संचालित हैं। अभी 25 विशेषज्ञों की तैनाती है। इसके अलावा रेजीडेंट डॉक्टर हैं। वहीं, 124 नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ हैं। यहां अमृत फार्मेसी के अलावा हाउस कीपिंग, बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट समेत 12 सर्विसेज क्रियाशील हैं। यहां जल्द ही डॉक्टर व स्टाफ की भी भर्ती की जाएगी। संस्थान में एक माइनर व एक मेजर ओटी शुरू है। गाइनी कैंसर, न्यूरो ट्यूमर, गॉल ब्लैडर कैंसर समेत अन्य मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। मरीजों को रक्त मुहैया कराने के लिए केजीएमयू, पीजीआइ व लोहिया संस्थान की ब्लड बैंक से कनेक्ट किया गया है। वहां से रक्त मंगववाकर संस्थान की ब्लड स्टोरेज यूनिट में रख लिया जाता है। इसके बाद मरीज को चढ़ा दिया जाता है।

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मरीजों को टेलीथेरेपी

संस्थान में सर्जिकल आंकोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी व मेडिकल आंकोलॉजी में कैंसर मरीजों का इलाज जारी है। इसमें रेडियोथेरेपी में अभी टेलीथेरेपी मरीजों की हो रही है। इसमें लीनियर एक्सीलरेटर मशीन से मरीज की बाहर से सिंकाई की जाती है। वहीं ब्रेकी थेरेपी से मरीजों में कैंसर की अंदर से सिंकाई की जाती है।

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