मुख्यमंत्री की सराहनीय पहल, सीयूजी नंबर पर काॅल खुद रिसीव करें डीएम और एसएसपी, जनसमस्याओं के समाधान में आएगी तेजी, जनता और सरकार के बीच बढ़ेगा तालमेल

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आम आदमी का संबंध प्रशासनिक पुलिस और अन्य अधिकारियों से सीधे कायम करने और हर व्यक्ति अपनी समस्या जिम्मेदार अधिकारियों को बताकर समय से उसका निस्तारण करा सके। शायद इस बात को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा डीएम और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए कि सीयूजी नंबर पर वो काॅल खुद उठाएं अपने आप में यूपी सरकार का एक अत्यंत सराहनीय प्रयास तो है ही इससे जनता हुकमरान और सरकार के बीच तालमेल में बढ़ोत्तरी होने के साथ साथ इसके अच्छे परिणाम सबके हित में निकलकर आएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिकांश जिलाधिकारियों तथा पुलिस अधीक्षकों के सीयूजी का फोन न उठाने के मामलों को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बीते शुक्रवार को समीक्षा बैठक में प्रदेश की हर प्रकार की जन समस्याओं के निराकरण में हीलाहवाली पर बेहद सख्त रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अपने सरकारी मोबाइल( सीयूजी) नम्बर पर आने वाली हर काॅल खुद रिसीव करनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम, एसपी और एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि जन समस्याओं को पूरी गंभीरता से लें। उनके कार्यालय से कोई भी फरियादी निराश होकर न लौटे। डीएम और पुलिस कप्तान अपने सीयूजी नम्बर पर आने वाली हर फोन काॅल का जवाब जरूर दें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वालों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से अमल में लाना होगा। अगले सप्ताह में मुख्यमंत्री कार्यालय से औचक फोन कर अधिकारियों की कार्यशैली की हकीकत की पड़ताल की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों को भी निर्देशित किया है। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निदान के संबंध में जारी मुख्यमंत्री के ताजा आदेश में कहा गया है कि जिले में तैनात अधिकारी अपने कैम्प आॅफिस की अपेक्षा कार्यालय में अधिक से अधिक समय दें। कोई भी व्यक्ति जो अपनी समस्या लेकर आता है, उससे मर्यादित व्यवहार करें। उनकी समस्या को सुनें और स्थाई समाधान के लिए उचित कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री के इस प्रयास से हर व्यक्ति को सरकार द्वारा जारी जनहित की योजनाओं व नियम नीतियों की जानकारी प्राप्त होने में तो सुविधा होगी ही। गरीब हो या अमीर जो टेलीफोन मिलाना जानता है वो अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन मिलाकर बातचीत कर अपनी परेशानी का हल निकाल सकता है। और अगर कोई अफसर मुख्यमंत्री जी के निर्देशों का पालन न कर फोन नहीं उठाता है तो उसक सूचना मुख्यमंत्री के जनशिकायत पोर्टल व अन्य सुविधाएं जो सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है उन पर की जा सकती है। कुल मिलाकर सीएम यूपी का यह फैसला पूरी तौर पर जनहित का है। वैसे तो पूर्व में भी कुछ ऐसे ही आदेश थे और सीयूजी नंबर उपलब्ध भी इसलिए कराए गए थे लेकिन हर छोटा बड़ा अफसर अपना फोन चपरासी या शैडो को पकड़ा देता था और जब भी कोई संपर्क करने को करता तो जवाब यही मिलता कि साहब मीटिंग में बैठे हैं या और कार्य कर रहे हैं। थोड़ी देर बाद मिलाएं। अब शायद यह सुनने को ना मिले।

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– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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