लेबर पेन से कराहते हुए दी लॉ की परीक्षा, 90-90 मिनट के दो पेपर निपटाए

41
loading...

शिकागो. शिकागो निवासी ब्रायना हिल जब बीते हफ्ते लॉ की परीक्षा देने बैठीं, तब वह 38 हफ्ते की गर्भवती थीं। कंप्यूटर पर सवालों के जवाब टाइप करने के आधे घंटे के भीतर ही उन्हें प्रसव पीड़ा महसूस होने लगी। हालांकि, वह सीट पर डटी रहीं क्योंकि छात्र नकल नहीं कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए उनका कैमरे की नजरों से हटना वर्जित था।

ब्रायना ने एक घंटे तक प्रसव पीड़ा सहते हुए पहला पेपर निपटाया। इसके बाद वह वॉटर ब्रेक के लिए सीट से उठीं तो एहसास हुआ कि उनकी ‘एमनियॉटिक थैली’ फट चुकी है। दो बारीक झिल्लियों से बनी यह थैली शिशु को गर्भाशय में सुरक्षित रखती है। हालांकि, ब्रायना को उस दिन दूसरा पेपर भी पूरा करना था।

इसे भी पढ़िए :  राहत भरी सौगात: यूपी-बिहार के लिए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेन चलाने का किया ऐलान, देखें पूरी लिस्ट

ऐसे में उन्होंने डॉक्टर से राय-मशविरा किया और प्रसव पीड़ा के बीच ही डेढ़ घंटे में दूसरा पेपर निपटाया। परीक्षा देते समय वह काफी बेचैन नजर आ रही थीं। उनकी आंखों से झर-झर आंसू बह रहे थे।

‘सब्मिट’ बटन पर क्लिक करते ही ब्रायना के पति उन्हें अस्पताल लेकर दौड़े। पांच घंटे बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। ब्रायना कहती हैं, ‘लॉयोला यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से कानून में स्नातक करना मेरा बचपन का सपना था। मैं नहीं चाहती थी कि गर्भावस्था के चलते मेरी परीक्षा छूटे। इसलिए मैं दर्द से कराहते हुए भी सवालों के जवाब देती रही। यह आसान नहीं था, पर वकालत की दुनिया में नाम कमाने की चाह ने मुझे प्रसव पीड़ा सहने की हिम्मत दी।’ सोशल मीडिया पर ब्रायना की हिम्मत की जमकर तारीफ हो रही है।

इसे भी पढ़िए :  एलआईसी ने लॉन्च की 'न्यू जीवन शांति पॉलिसी, सिंगल प्रीमियम में पाएं जीवन भर पैसा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fourteen + nineteen =