मुरादाबाद में संत रामदास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, खनन माफियाओं से बताया था जान का खतरा

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मुरादाबाद 18 अक्टूबर। अवैध खनन माफ़ियाओं के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले नगर संत रामदास का शव गत दिवस मुरादाबाद के गलशहीद थाना क्षेत्र के एक मंदिर में मिला. मृतक संत रामदास रामगंगा प्रदूषण मुक्त समिति से जुड़े थे. वे लगातार रामगंगा को बचाने के लिए संघर्षरत थे. गत सुबह पुलिस को सूचना मिली कि गलशहीद क्षेत्र स्थित एक मंदिर में नगर संत रामदास का शव पड़ा है, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की. बता दें संत रामदास ने खुद को खनन माफियाओं से जान का खतरा बताया था.

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ़ नहीं

उधर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि गले और शरीर पर चोट के निशान थे. जिसके बाद उनका विसरा सुरक्षित रख लिया गया है. पुलिस अधीक्षक नगर अमित कुमार आनंद ने बताया कि शुक्रवार की रात को संत रामदास मंदिर में पहुंचे थे. उन्होंने वहां अपनी तबीयत खराब बताई. इसके बाद वह चादर ओढ़ कर सो गए थे. गत सुबह वह मृत पाए गए थे. शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है. पीएम रिपोर्ट में कोई चोट का निशान नहीं हैं. मौत की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है. विसरा सुरक्षित रखा गया है. उनके मोबाइल व पर्स के बारे में जांच की जा रही है.

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वीडियो वायरल कर बताया था जान को खतरा
बता दें संत रामदास द्वारा रामगंगा को प्रदूषण मुक्त करने की मुहीम की वजह से उन्हें नगर संत की उपाधि से नवाजा गया था. कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक वीडियो वायरल कर खुद को खनन माफियाओं से जान का खतरा बताया था. वे काफी लंबे समय से खनन माफियाओं के खिलाफ मुहीम चला रहे थे.

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