बिहार विधानसभा चुनाव व अन्य प्रदेशों में उपचुनाव,बड़े नेता जबान पर काबू और भीड़ जुटाने में संयम बरतें

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बिहार में विधानसभा के चुनाव का हंगामा जोरों पर है। तो जिन प्रदेशों में उपचुनाव हो रहे हैं वहां भी हंगामा कम नजर नहीं आ रहा है। नेताओं की जबान तो प्रचार के दौरान फिसल ही रही है कोरोना को लेकर निर्धारित नियमों का पालन भी पूर्ण रूप से नहीं हो पा रहा है। बीते दिनों मध्य प्रदेश में एक चुनावी रैली में मास्क ना लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी करने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं तो चुनावी भीड़ को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की गई है। इसका असर मतदान तक कहां कहां कितना होगा यह तो समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल यह कहा जा सकता है कि भले ही मध्य प्रदेश में उपचुनाव हो रहा हो लेकिन यहां मंत्रियाों और नेताओं की जुबान ज्यादा फिसल रही है। बीते दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ ने प्रदेश की एक मंत्री को आईटम कह दिया। जिसे लेकर बवाल मचा हुआ है। महिला आयोग की कार्रवाई और राहुल गांधी की नाखुशी के बावजूद कमलनाथ ने बताते हैं कि साॅरी तो कहाा लेेकिन माफी नहीं मांगी। अभी यह प्रकरण समाप्त भी नहीं हो पाया था कि यही के एक राज्यमंत्री बीसालाल साहू ने कांग्रेस उम्म्मीदवार विश्वनाथ सिंह को लेकर कहा कि अपनी पहली पत्नी की जानकारी छिपाई। अनूपपुर विधानसभा सीट के उम्मीदवार विश्वनाथ सिंह कुंजम की पत्नी के बारे में जो शब्द कहे गए उसको लेकर मंत्री के खिलाफ बवाल मचा हुआ है। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा यह बड़े नेता और खासकर मध्यप्रदेश में ही क्यों कर रहे हैं। क्या यह सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने का प्रयास है या खिसकते जनाधार को बांधे रखने की कोशिश। जो भी हो कमलनाथ और बीसालाल साहू की टिप्पणी को किसी भी रूप में जनप्रतिनिधि सही नहीं कह सकता। रही बात चुनावों में भीड़ जुटाने की तो जिसे जिस उम्मीदवार को वोट देना है ज्याादातर मतदाता तय कर चुके हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए खासकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अथवा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अथवा इन जैसे बड़े कद वाले नेताओं को कोरोना महाामारी को रोकने के लिए निर्धारित नियमों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए क्योंकि इनका जो असर आम आदमी पर पड़ना है। अगर उसमें बढ़ोत्तरी हाोने लगी तो मुसीबत इन बड़े नेताओं के सामने ही खड़ी होगी। जनहित में अगर बिहार में चुनाव और अन्य प्रदेशों में हो रहे उपचुनाव के दौरान सभी नेता बोलने और भीड़ जुटाने में थोड़ा संयम रखें तो मुझे लगता है कि सबके हित में होगा।

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– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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