कोरोना के बाद देश में सेकेंड़ हैंड़ कारों की मांग तेजी से बढ़ी

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जयपुर। दिल्ली‚ मुंबई‚ अहमदाबाद‚ चेन्नई में है यूज्ड़ कारों की मांग, कोरोना वायरस महामारी से उपजे संकट के बीच देश में पुरानी या सेकेंड हैंड कारों की बढ़ी मांग को देखते हुए ‘कार देखो’ कंपनी ने ऐसी कारों के ‘Offline store’ खोलने का फैसला किया है। कंपनी अगले छह महीने में ऐसे ५० स्टोर खोलेगी जहां पुरानी कारें बेची जा सकेंगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोनो से सामने आई चुनौती के बीच लोग अपना वाहन अपनाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं और ऐसे में विशेष रूप से दो से पांच लाख रु पए मूल्य की पुरानी या उपयोगशुदा (second hand) कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। कार देखो ग्रुप के प्रमुख (Trust Mark Store) शरद जायसवाल ने बताया कि लोगों की बदली जरूरत को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने ‘Online’ के साथ–साथ अब पुरानी कारों के ‘आफलाइन’ यानी वास्तविक स्टोर खंड में उतरने का भी फैसला किया है। इसके तहत उसने अपने पहला ‘कार देखो गड्डी ट्रस्ट मार्क‘ स्टोर दिल्ली में खोला है। कंपनी की मार्च २०२१ तक ऐसे ५० स्टोर खोलने की योजना है। वहीं मार्च २०२२ तक वह इसकी संख्या कुल २००० करेगी जिसमें ५०० ट्रस्ट मार्क स्टोर व १५०० डीलर होंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी ये स्टोर चाइनीज माडल पर खोल रही है। इन स्टोर में बिकने वाली कारें कंपनी द्वारा प्रमाणित होंगी और कंपनी कई तरह की वारंटी भी अपनी तरफ से देगी। जायसवाल ने कहा कि भारत में पुरानी या उपयोगशुदा कारों का सालाना बाजार ४० से ४२ लाख वाहनों का है। विशेषकर कोरोना से उपजे संकट व चुनौतियों के बीच लोग खुद का वाहन खरीदने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और ऐसे में दो से पांच लाख रु पए मूल्य की हैचबेक पुरानी कारों की बहुत अच्छी मांग सामने आई है। देश में पुरानी कारों के कुल बाजार में इस खंड का हिस्सा 50-60 प्रतिशत के बीच है जो अब बढ़कर ७०–७५ प्रतिशत होने की उम्मीद है। जायसवाल ने कहा कि दिल्ली‚ मुंबई के साथ साथ बेगलुरू‚ चेन्नई व अहमदाबाद पुरानी कारों के प्रमुख बाजार हैं जहां कंपनी अपने स्टोर व डीलर स्थापित करने पर ध्यान देगी।

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