एक लाख से अधिक रोजगार देगी देश की सबसे बड़ी फिल्म सिटी

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ग्रेटर नोएडा 24 सितंबर। हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी यीडा सिटी से दो गुने एरिया में फैली है, लेकिन वहां वन विभाग की काफी जमीन है, जिस पर निर्माण नहीं हो सकता है। लिहाजा निर्माण के मामले में यमुना अथॉरिटी एरिया में बसाई जाने वाली फिल्म सिटी देश में सबसे बड़ी होगी। मुंबई की फिल्म सिटी मात्र 58 एकड़ में है। यहां 1 हजार एकड़ में बसाए जाने वाली फिल्म सिटी में एक लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें बच्चों के लिए फिल्म निर्माण, एनिमेशन, फिल्म लेखन, डिजिटल और म्यूजिक के लिए देश में पहली बार अलग से स्टूडियो बनाने की तैयारी है।

सहूलियतों के लिए यूपी की फिल्म पॉलिसी में भी बदलाव हो सकता है। जनवरी तक निर्माण के लिए डिटेल प्रॉजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाएगी। यीडा सिटी में फिल्म सिटी बसाने का फैसला शासन से होने के बाद यमुना अथॉरिटी में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शासन ने बुधवार को यमुना अथॉरिटी से फिल्म सिटी को लेकर कई जानकारियां मांगी। सूत्रों ने बताया कि शासन की ओर से एक-दो दिन में यमुना अथॉरिटी को इस परियोजना के संबंध में नोडल एजेंसी बनाने की घोषणा हो सकती है।

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जमीन को लेकर नो टेंशन
सेक्टर-21 यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से आगरा की ओर 23 किलोमीटर की दूरी पर है। यह सेक्टर यमुना एक्सप्रेसवे से सटा हुआ है। यहां से प्रस्तावित जेवर एयरपोर्ट की बाउंड्री करीब 3 किलोमीटर है। रनवे लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों ने बुधवार परियोजना की जमीन आदि को लेकर समीक्षा की। सेक्टर-21 स्थित एक हजार एकड़ जमीन में से 615 एकड़ जमीन अथॉरिटी के कब्जे में है। 230 एकड़ जमीन के लिए किसानों ने अपनी सहमति दे दी है। शेष 165 एकड़ जमीन के लिए सहमति ली जानी है। अथॉरिटी ने कहा है कि जमीन को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।

बेहतर माहौल और सुविधाएं मिलेंगी
फिल्म निर्माता नितिन देसाई व अन्य ने सीएम से कहा है कि अभी कहीं लेखकों के लिए कोई स्टूडियो नहीं है। म्यूजिक के लिए अलग से स्टूडियो नहीं हैं। बच्चों की फिल्म बनाने के लिए कहीं अलग से सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि बच्चों से जुड़ी फिल्मों, लेखन, म्यूजिक, डिजिटल और एनिमेशन फिल्मों के लिए भी अलग से स्टूडियो बनाए जाएं। इस तरह के स्टूडियो देश में पहली बार यीडा सिटी में बन सकेंगे। इनके लिए 15 दिनों में फिल्म निर्माता सुझाव, नए प्रावधानों और रियायतों के बारे में अपने प्रस्ताव शासन को देंगे।

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यूपी की फिल्म पॉलिसी में भी हो सकता है बदलाव
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है कि निर्माताओं को बेहतर माहौल और सुविधाएं देंगे। इसके लिए यूपी की फिल्म पॉलिसी में भी बदलाव किया जा सकता है। तमात नए प्रावधानों के साथ अगले दो माह में डीपीआर पर काम शुरू होने की उम्मीद है। जनवरी के अंत अथवा फरवरी की शुरूआत तक डीपीआर बन सकेगी। डीपीआर फिल्म निर्माताओं की ओर से तैयार कराई जाएगी। उसके बाद निर्माण के संबंध में कार्रवाई शुरू होगी।

सरकार और अथॉरिटी का भी होगा हिस्सा
फिल्म सिटी के निर्माण में फिल्म निर्माताओं की असोसिएशन, यमुना अथॉरिटी और यूपी सरकार का भी शेयर शामिल किया जा सकता है। इसके लिए नीति बनेगी। इसमें देखा जाएगा कि निर्माण पीपीपी मॉडल पर कराया जाए अथवा खुद करें। फिल्म सिटी का प्रस्ताव पास होने के बाद यमुना अथॉरिटी एरिया में अब और आर्थिक और विकास की गतिविधियां बढ़ेंगी। अथॉरिटी ने इस संबंध में तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए एक निजी बैंक ने अथॉरिटी को 325 करोड़ रुपये का लोन भी जारी कर दिया है। अब जेवर, अलीगढ़ और मथुरा एरिया में भी विकास की गतिविधियां शुरू करने की तैयारी की जाने लगी है।

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नोएडा फिल्म सिटी से जरा हटके
नोएडा की फिल्म सिटी की तरह यीडा में प्रावधान नहीं होंगे। यहां केवल फिल्मों व टीवी सीरियल से जुड़े ही काम हो सकेंगे। नोएडा फिल्म सिटी की तरह यीडा सिटी में मीडिया हाउस के लिए आवंटन नहीं होंगे। अलग-अलग प्लॉट का आवंटन भी नहीं होगा। अथॉरिटी यीडा सिटी में पूरे एरिया में व्यवस्थित तरीके से फिल्म सिटी बसाएगी। नोएडा में अलग-अलग फिल्म निर्माताओं को प्लॉट आवंटित किए गए हैं।

एक लाख लोगों को डायरेक्ट मिलेगा रोजगार
डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना अथॉरिटी ने कहा कि एयरपोर्ट के बाद यीडा सिटी में फिल्म सिटी को मंजूरी मिलना इस क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अब फिल्म सिटी के विकास के लिए आगे की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जनवरी तक इसकी डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। इससे करीब एक लाख लोगों को डायरेक्ट रोजगार मिलेगा। इतने ही लोगों ने इन-डायरेक्ट तरीके से रोजगार मिल सकेगा।

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