अब न्यूज कंटेंट की शेयरिंग पर रोक लगा सकता है फेसबुक

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नई दिल्ली। फेसबुक व इंस्टाग्राम पर न्यूज के शेयरिंग पर रोक लग सकती है। खुद फेसबुक ने ऐसा फैसला किया है। आगामी एक अक्टूबर से फेसबुक व इंस्टाग्राम के लिए नई सेवा शर्त लागू हो रही है। फेसबुक की तरफ से नई सेवा शर्त जारी कर दी गई है।

नई सेवा शर्तों के तहत फेसबुक किसी भी प्रकाशक या किसी भी व्यक्ति को स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय न्यूज को फेसबुक या इंस्टाग्राम के प्लेटफार्म पर शेयर करने से रोक सकता है। फेसबुक की नई सेवा-शर्त दुनिया के सभी देशों के लिए लागू होगी। हालांकि प्रकाशकों के साथ आस्ट्रेलिया में चल रहे विवाद को देखते हुए फेसबुक ने नई सेवा शर्त के तहत खुद को इस मामले में सशक्त किया है।

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आस्ट्रेलिया के नए कानून के कारण फेसबुक कर रहा है सेवा शर्तों में बदलाव
अभी कोई भी प्रकाशक या व्यक्ति फेसबुक पर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय खबर को डाल सकता है। अमूमन खबर से जुड़े कंटेंट को फेसबुक अपने प्लेटफार्म से नहीं हटाता है। मामले के मुताबिक, आस्ट्रेलिया की सरकार ऐसा कानून ला रही थी जिसके तहत प्रकाशक फेसबुक के प्लेटफार्म पर जो न्यूज कंटेंट डालते है, उसके बदले प्रकाशक फेसबुक से पैसा मांग सकते है। फेसबुक को इसी बात पर ऐतराज है। फेसबुक न्यूज कंटेंट के बदले प्रकाशकों को पैसा नहीं देना चाहता है। इस कारण ही फेसबुक ने आगामी एक अक्टूबर से लागू होने वाली सेवा शर्तों में बदलाव किया है। इसके तहत स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय खबर डालने के मामले में किसी भी व्यक्ति या प्रकाशक पर रोक लगाई जा सकती है।

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पिछले दिनों सभी दलों ने फेसबुक पर लगाया था पक्षपात का आरोप
फेसबुक की एक अक्टूबर से लागू सेवा शर्तों में कहा गया है कि अगर फेसबुक को लगता है कि आपके किसी कंटेंट या पोस्ट से फेसबुक के ऊपर कोई कानूनी कार्रवाई हो सकती है या सरकारी नियामक या एजेंसी फेसबुक के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है तो ऐसे कंटेंट या सूचना पर फेसबुक रोक लगा सकता है या उसे हटा सकता है।

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ध्यान रहे कि पिछले दिनों में फेसबुक पर लगभग सभी दलों ने आरोप लगाया कि उसके और उसके समर्थकों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। यहां तक कि फेसबुक के लिए फैक्ट चेकिंग करने वाली थर्ड पार्टी को लेकर भी सवाल खड़ा किया गया है। दो दिन पहले इस सिलसिले में फेसबुक के इंडिया हेड को संसदीय समिति के सामने भी पेश होना पड़ा था।

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