सेवानिवृति के बाद एक उपजिलाधिकारी की पेंशन से होगी 50 प्रतिशत की कटौती

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सरकार का सराहनीय कदम : आईएएस व आईपीएस तथा एआरटीओ के विरूद्ध कार्रवाई शुरू

लगता है सरकार द्वारा भ्रष्टाचार लापरवाही समाप्त करने और अपने कार्य के प्रति निष्ठा ना रखने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने और उन्हें सबक सिखाने के साथ ही उन्हें समय से पहले सेवानिवृति देने और अब रिटायर होने के बाद भी दोषियों को मिल सकती है सजा यह बताने और कार्रवाई करने का पूर्ण रूप से मन बना चुकी है।
क्योंेिक पहले ऐसा होता था कि जो अफसर सेवानिवृत हो गया वो यह सोचता था कि उसने जो अपने कार्यकाल में किया उसका खामियाजा अब नहीं भुगतना पड़ेगा लेकिन बीते दिनों यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी द्वारा देवरिया के तत्कालीन एसडीएम सूर्यभान गिरि को कदाचार का दोषी पाए जाने पर इनकी पेंशन से 50 फीसदी की कटौती कर शासकीय धन की वसूली कर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश भी दिया गया है।
दूसरी ओर केंद्र सरकार के प्रशिक्षण एवं कार्मिक विभाग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी को आईएएस अधिकारी ईश्वरी प्रसाद पांडेय के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। उन पर आरोप है कि कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए पैसे देने के प्रयास हुए थे। बताते चलें कि उन पर यह भी आरोप है कि ट्रासफर पोस्टिंग के खेल में जीरो टाॅलरेंस की नीति के तहत प्रदेश सरकार द्वारा ईश्वरी प्रसाद के विरूद्ध कार्यवाही शुरू कर दी गई है। अभी बीते दिनों यूपी में आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के आदेश के साथ साथ कई के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने के अतिरिक्त कुछ को निलंबित भी किया गया था। इसी प्रकार बताते हैं कि यूपी में तीन एआरटीओ निलंबित करने के अतिरिक्त दो के खिलाफ प्रदेश के सीएम द्वारा विभागीय कार्रवाई शुरू कराई गई है। बताते हैं कि जब ये तीनों एआरटीओ सोनभद्र में तैनात थे तो इनके द्वारा वाहन रजिस्ट्रेशन में अनियमितताएं की गई थीं इस संदर्भ में एक खबर के अनुसार अरूण कुमार राॅय एआरटीओ प्रशासन वाराणसी धर्मवीर एआरटीओ प्रशासन औरैया तथा अवधेश कुमार एआरटीओ की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच के दायरे में रखा गया। चर्चा है कि और भी कई संवर्गों के अधिकारियों के खिलाफ सरकार द्वारा आम आदमी के हितों की रक्षा और सरकारी धन के सही उपयोग हेतु कार्रवाई की जा रही है।
इस बारे में खबरों को पढ़कर जाागरूकर नागरिकों का कहना था कि केंद्र और प्रदेश सरकार का यह निर्णय पूर्ण रूप से सही है। दोषी चाहे किसी भी स्तर, संवर्ग या विभाग का क्यों ना हो जनहित की योजनाओं का लाभ समय से पात्र व्यक्तियों को दिलाने में कार्रवाई में कोई कोताही नहीं रहनी चाहिए। क्योंकि ऐसे अफसरों की वजह से आम आदमी परेशान हो रहा है वहीं सरकार की नीतियां भी सफल समय से नहीं हो रही है। और जो घोषणाएं की गई थी उन्हें पूरा करने में आ रही हैं कठिनाई।

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– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

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