कश्मीर में शहीद हुए जवान जिलाजीत यादव को अंतिम विदाई

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जफराबाद (जौनपुर) 14 अगस्त। कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए जौनपुर के जिलाजीत यादव को आज सुबह अंतिम विदाई दी गई। शहीद के छह माह के बेटे जीवांश ने भी पिता को पुष्पांजलि दी। नन्हें हाथों से पिता को नमन करते देख लोगों की आंखें छलक पड़ीं। माहौल गमगीन हो गया। गोमती किनारे रामघाट पर चाचा रामइकबाल ने मुखाग्नि दी। जिलाजीत यादव बुधवार की सुबह पुलवामा में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। गुरुवार की रात उनका पार्थिव शरीर विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचा। यहां अधिकारियों और अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि दी। मौसम की खराबी के कारण पार्थिव शरीर शाम में जौनपुर नहीं भेजा जा सका। सुबह होते ही पार्थिव शरीर जौनपुर रवाना हुआ तो सैकड़ों की संख्या में युवाओं की टोली भी अपने जिले के लाल को लेने पहुंच गई।

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गगनभेदी नारों के साथ जवान का पार्थिव शरीर सिरकोनी विकास खण्ड के इजरी धौरहरा गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। शहीद को एक झलक देखने की लालसा में सभी सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई। भीड़ बेकाबू हो गई। सैकड़ों की संख्या भी महिलाएं भी शहीद के घर पहुंच गईं। शहीद की पत्नी पूनम और मां उर्मिला यादव पार्थिव शरीर देखते ही अचेत हो गई। किसी तरह पानी का छींटा मारकर होश में लाया जाता लेकिन दोबारा बेहोश जातीं। पति की मौत के बाद से भूखी पूनम को परिवार की महिलाओं ने किसी तरह संभालने की कोशिश की। घर पर करीब ढाई घंटे तक लोगों ने अपने लाल को श्रद्धांजलि और पुष्पांजलि दी। इसके बाद शवयात्रा गोमती के किनारे रामघाट के लिए रवाना हुई। वहां पहले से मौजूद अधिकारियों और जवानों ने गार्ड आफ आनर दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई। चाचा रामइकबाल यादव ने मुखाग्नि दी।

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