ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर कमजोर गैजेट पासवर्ड बन रहे साइबर सिक्योरिटी के लिए खतरा

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आज के बदलते युग में जिस गती से हमने अपने आप को बदला है. अपराध जगत भी उतनी ही तेजी से बदलता जा रहा है. आधुनिकीकरण के इस युग में हम ज्यादातर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपनी सुविधा के लिए कर रहे हैं. ऐसे में साइबर क्राइम कर रहे अपराधी इन्हीं प्लेटफॉर्म के जरिए काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं.

ऑनलाइन प्लैटफॉर्म्स पर यूजर्स अक्सर अपने पासवर्ड स्ट्रॉन्ग नहीं बना कर गलती कर बैठते हैं. इसके साथ ही याद रखने में आसानी हो इसलिए एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल कई प्लैटफॉर्म पर करते हैं. ऐसे में उपभोक्ता स्मार्ट-उत्पाद साइबर सिक्योरिटी को विनियमित करने के लिए एक नए प्रकाशित नीति पत्र में ब्रिटेन सरकार के डिजिटल सूचना मंत्री मैट वार्मन का कहना है कि वह डिजिटल, संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र (एनसीएससी) के साथ काम कर रहे हैं. जो खराब इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस सुरक्षा की समस्या का “तत्काल पता” करने के लिए सक्षम है.

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लाइटबल्ब से लेकर स्मार्टवॉच तक सभी चीजें जो डिमेंशिया के मरीज़ों को ट्रैक करती हैं, स्मार्ट स्पीकर, वॉयस असिस्टेंट, सिक्योरिटी कैमरा और टेलीविज़न, ये सब अक्सर असुरक्षित इकोसिस्टम के अंदर आते हैं. यह असुरक्षित हैं, क्योंकि इन उपकरणों के पासवर्ड पूर्व-लोड किए गए होते हैं. जिन्हें उपयोगकर्ता द्वारा नहीं बदला जा सकता है. साइबरसिटी के विशेषज्ञों का मानना है कि यहां पहले से ही मौजूद अरबों उपकरण हैं. जो काफी बड़ी समस्या बन सकती हैं. वहीं विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2025 तक 41 बिलियन IoT डिवाइस हो सकते हैं. जिससे सुरक्षा समस्या का पैमाना उतना ही विशाल है बेहद जटिल हो सकता है.

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16 जुलाई को उपभोक्ता स्मार्ट उत्पाद साइबर सुरक्षा को रेग्युलेट करने के लिए नीति पत्र में प्रस्ताव प्रकाशित किया गया है. प्रस्तावित पासवर्ड कानून पर आगे बढ़ने से पहले इच्छुक पार्टियों से आगे की प्रतिक्रिया लेने के बाद ही प्रस्तावित पासवर्ड कानून पर अंतिम मुहर लग सकती है. बता दें कि उपभोक्ताओं को असुरक्षित IoT डिवाइस के खतरे से बचाने के लिए एक नए कानून के प्रस्तावों के तहत, ब्रिटेन सरकार ने सिफारिश की है कि इन गैजेट्स के लिए सिंगल, युनिवर्सल, पासवर्ड पर रोक लगाई जानी चाहिए.

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