सबकी पसंद पहाड़ी आलू को भी बना दिया जहर

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जब तक रहेगा समोसे मे आलू तब तक रहेगी तू मेरी शालू यह गाने की पंक्ति यह समझने के लिए काफी है की आलू का हमारे जीवन में क्या स्थान है और वैसे भी यह एक ऐसी सब्जी है जो हर चीज में मिलाकर खायी जा सकती है तो दूसरी और इसके चीप्स बच्चों सहित सबकों अत्यंत प्रिय है और इसमंे भी पहाड़ी आलू का आकर्षण और इसके स्वाद की तो बात ही कुछ और है। बचपन मे जब एक लाल जी के यहां नौकरी करता था तो सब्जी खरीदने के दौरान सबसे पहले सेठ जी यह पूछते थे की पहाड़ी आलू है या नही और है तो क्या भाव है क्योकि यह मीठा नही होता इसलिए खाने में इसका स्वाद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है जब भगवान ने कुछ आमदनी बढ़ाई तो अपने घर के लिए सब्जी खरीदते समय प्राथमिकता पहाड़ी आलू लेने की ही होती थी और आज भी जब अब सारे ही आलू मिठास से मुक्त लगभग एक समान हो गये है तब भी पहली पसंद सब्जी में पहाड़ी आलू ही होते है। लेकिन कुछ व्यापारियों और मुनाफा खोरे द्वारा इस अत्यंत महत्वपूर्ण सब्जी को भी माल कमाने के चक्कर में जहरीला बना दिया है। इस संदर्भ में छपीं एक खबर के अनुसार इन दिनों बाजार में पहाड़ी आलू के नाम पर जहरीला आलू बिक रहा है। इस तरह के केमिकल युक्त आलू खाने से सेहत के लिए घातक है क्योंकि ऐसे आलू में ०.७ फीसद तक शीशा की मात्रा हो सकती है। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में बिक रहे ऐसे आलू के बारे में मंडी के थोक कारोबारियों ने एपीएमसी प्रशासन से शिकायत भी की है इसके बावजूद मंडी में धड़ल्ले से केमिकल युक्त आलू की बिक्री हो रही है। इस बारे में भाजपा कार्यकर्ता ऋचा पांडे मिश्रा ने उप राज्यपाल अनिल बैजलाॅ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और गोपाल राय को ट्वीट कर जानकारी देकर उनका ध्यान भी दिलाया है। वहीं दूसरी ओर मंडी में ही आलू के थोक व्यापारी व सोशल वर्कर संदीप खंडेलवाल ने मंडी में बिकने वाले ऐसे जहरीले आलू के बारे में एपीएमसी प्रशासन को शिकायत की है पर उन्होंने यह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया कि यह देखना कि कौन क्या बेच रहा है उनकी जिम्मेदारी नही है। खंडेलवाल ने ऐसे आलू के कारोबार में नीचे से ऊपर तक के लोगों की मिलीभगत का आरोप लगाया। खंडेलवाल का कहना है की मंडी में प्रति दिन इस तरह के आलू 15 से 20 गाड़ी आ रही हैं जबकि सामान्य दिनों में (कोरोना से पहले) 30 से 35 गाड़ी आती थीं। उन्होंने कहा कि प्रति गाड़ी आढ़ती 80 हजार से लेकर एक लाख कमा रहे हैं। सामान्य आलू जहां प्रति बोरी 800-900 रुपए बिकता है तो केमिकल युक्त आलू पहाड़ी आलू के नाम पर प्रति बोरी 13 सौ से लेकर 15 सौ तक बिकता है। एपीएमसी के पूर्व अध्यक्ष एवम आलू प्याज के व्यापारी राजेन्द्र शर्मा का भी कहना है कि मंडी में इस तरह के आलू का कारोबार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी के अंदर क्या हो रहा है क्या बिक रहा है इसकी जिम्मेदारी एपीएमसी की है। कुछ ऐसी ही बात मौजूदा एपीएमसी सदस्य व थोक व्यापारी अनिल मल्होत्रा भी करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा आलू यूपी के सम्बल से आता है और उसे मंडी के ही कुछ थोक व्यापारी मंगवाते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के काम कुछ एक वर्षो में ज्यादा हो रहा है। इसके लिए वह मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं। केमिकल युक्त आलू में क्या मिलाया जाता हैः सामान्य आलू को पहाड़ी आलू की तरह बनाने के लिए उसमें स्नोसेम पेंट सीमेंट और एक जहरीला केमिकल मिलाया जाता है। इसके अलावा रामराज मिट्टी (इसका भी इस्तेमाल मकान की रंगाई पुताई में किया गया है) सीमेंट और कड़ी चीना ( चिकना करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है) मिलाकर सामान्य आलू को मिनटों में पहाड़ी आलू बना दिया जाता है। केमिकल युक्त आलू में पानी से धोने के बाद भी ०.७ फीसद (लैब रिपोर्ट के अनुसार) तक शीशा की मात्रा रह जाती है। कहां से आ रहा है ऐसा आलूः थोक कारोबारियों के अनुसार ऐसा आलू यूपी के संभल से आ रहा है। व्यापारियों के अनुसार संभल से केमिकल युक्त आलू तीन सौ किलोमीटर के रेडियस में बेचा जा रहा है। व्यापारियों का दावा है कि यह ऐसे आलू की बिक्री तो वर्षो से हो रही है।
मेरा मानना है की इस संदर्भ में शिकायत करने और यह मामला उजागर करने वालों को खाद मंत्रालय सम्मानित करे जिससे भविष्य में अन्य मिलावटी खाद्य साम्रगी अगर कही बिक रही है तो उसका भांडा फोड़ हो सके तथा सरकार इस संदर्भ मंे कार्यवाही करने में सक्षम अपने सरकारी अधिकारियो से भी जवाब तलब करे की ऐसा कैसे चल रहा है। और आम आदमी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जहरीला पहाड़ी आलू बिकना तो दूर बाजार में ही कैसे आ रहा है। तथा यूपी के सबंधित अफसरों को भी अपने यहां दोषियों के विरूद्ध जांच कराकर कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि यह आलू सम्भल से दिल्ली आना बताया जाता है।

  • रवि कुमार विश्नोई
    सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
    अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
    आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
    MD – www.tazzakhabar.com
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