बांझपन की वजह बन रही देर से शादी व मोटापा

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बदली जीवनशैली बांझपन की बड़ी वजह बन गया है। देरी से शादी और मोटापा महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। तनाव और प्रदूषण भी प्रजनन क्षमता घटा रही है। यह तथ्य केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) के सर्वे में सामने आए हैं।

क्वीनमेरी की ओपीडी में करीब 335 महिलाओं पर सर्वे हुआ। इन महिलाओं को गर्भाधारण करने में अड़चन आ रही थी। 13 माह चले सर्वे में 23 से 40 साल की महिलाओं को शामिल किया गया। क्वीनमेरी की डॉ. सुजाता देव के मुताबिक सर्वे में बच्चे न होने के पीछे 30 प्रतिशत पुरुष की बीमार जिम्मेदार है। 50 प्रतिशत महिलाओं को गर्भाधारण करने में दिक्कत होती है। 20 प्रतिशत दम्पत्ति में दिक्कतों की वजह से घर सूना रहता है।

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डॉ. सुजाता देव के मुताबिक पुरुषों की भांति महिलाओं में भी धूम्रपान की लत बढ़ रही है। सिगरेट-शराब का सेवन युवतियां बेहिचक कर रही हैं। इससे बच्चेदानी की क्षमता आदि पर फर्क पड़ रहा है। इससे भी प्रजनन संबंधी परेशानी जन्म ले रही है। नौकरी आदि को लेकर तनाव बढ़ रहा है। फास्ट-फूड व दूसरे कैमिकल युक्त भोजन का चलन बढ़ा है। यह शौक भी घर में किलकारी गूंजने में बाधा बन गई है। 2005 में सकल प्रजनन दर 3.3 प्रतिशत थी। जो घटकर 2.7 हो गई है।

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